VIDEO: सीपत–बेलतरा में हाथी का कहर; बाड़ी में सो रही महिला की कुचलकर मौत, तीन ग्रामीण घायल..10 दिनों से भटक रहा है बेकाबू हाथी!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) सीपत क्षेत्र में पिछले दस दिनों से भटक रहे जंगली हाथी ने एक बार फिर तांडव मचाते हुए दो गांवों में हमला कर दिया। गुरुवार तड़के बैमा रोड स्थित खपराखोल गांव में हाथी ने धान की रखवाली कर रही महिला पर हमला कर उसे कुचल डाला। वहीं उसके दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ ही देर बाद हाथी धुरीपारा–पौंसरा गांव पहुंचा, जहां उसने एक और ग्रामीण को घायल कर दिया। लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। जानकारी के अनुसार खपराखोल गांव के किसान राजकुमार यादव धान की मिंजाई कराकर उसे घर के आंगन में रखे हुए थे। धान की रखवाली के लिए उनकी पत्नी 45 वर्षीय कुमारी बाई यादव अपने 13 वर्षीय बेटे दुर्गा और 17 वर्षीय बेटी के साथ प्लास्टिक के टेंटनुमा आश्रय में रातभर सो रही थीं। सुबह करीब 5 बजे अचानक जंगली हाथी गांव में घुस आया और आंगन में सो रही महिला को बेरहमी से रौंद दिया। महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका बेटा दुर्गा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके दाएं कूल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर है। बेटी को भी चोटें आई हैं। दोनों बच्चों का इलाज सिम्स में जारी है।
दूसरा हमला: धुरीपारा-पौंसरा में एक और ग्रामीण घायल……..
पहले गांव में हमला करने के बाद हाथी आगे बढ़ते हुए धुरीपारा–पौंसरा गांव पहुंच गया। यहां एक ग्रामीण पर हमला कर उसे भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसे इलाज के लिए बिलासपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वन विभाग की देरी पर ग्रामीण नाराज………
घटनाओं की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग देर से पहुंचा, जिससे हालात और बिगड़ गए। बिलासपुर रेंजर शुभम मिश्रा ने बताया कि हाथी लगातार मूवमेंट में है और फिलहाल लिम्हा–धौरामुड़ा जंगल की ओर बढ़ रहा है। टीम उसकी ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग कर रही है। आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
परिजनों ने की आर्थिक मुआवजे की मांग……
मृतका के परिजनों ने कहा कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि हाथी घर तक पहुंच जाएगा। उन्होंने तुरंत आर्थिक सहायता और बच्चों के सुरक्षित इलाज की मांग की है। वन विभाग के अधिकारी टी.आर. मरई ने कहा कि हाथी रास्ता भटकने के कारण लगातार गांवों में घुस रहा है और उसे जंगल की ओर मोड़ने के प्रयास जारी हैं।
ग्रामीणों में दहशत, प्रशासन पर उठे सवाल……..
शहर से कुछ ही किलोमीटर दूर बसे इन गांवों में लगातार हाथी के पहुंचने से लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गश्ती और चेतावनी व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। प्रशासन अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाता है, यह देखने वाली बात होगी।
