मस्तूरी जनपद क्षेत्र के सरपंचों का हल्ला बोल; 15वें वित्त की राशि सहित उठी 3 मांगे..भाजपा शासन काल में विकासकार्य अवरुद्ध..11 दिसंबर को धरना प्रदर्शन!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जनपद पंचायत मस्तूरी के सरपंच संघ ने 15वें वित्त आयोग की लंबित राशि सहित अन्य मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इस संबंध में जिला कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें कहा गया है कि नवीन पंचायत गठन के नौ महीने बीत जाने के बाद भी पंचायतों को अब तक 15वें वित्त आयोग मद की राशि प्राप्त नहीं हुई है। राशि जारी न होने से पंचायतों में मूलभूत सुविधाओं और जनहित योजनाओं का संचालन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि सरपंच भारी उत्साह और विकास संकल्प के साथ चुने गए थे, परंतु आर्थिक संसाधन न मिलने से वे हताश और निराश होने लगे हैं। पंचायतें अपने क्षेत्र की बुनियादी समस्याएं भी हल नहीं कर पा रही हैं, जिससे विकास कार्य लगभग ठप पड़ने की स्थिति है। सरपंच संघ ने चेतावनी दी है कि यदि राशि शीघ्र जारी नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पंचों का मानदेय 2500 रुपये तथा सरपंचों का मानदेय 10000 रुपये किया जाए। साथ ही पंचायतों को पूर्व नियमों के अनुसार 50 लाख रुपये तक के कार्यों की एजेंसी का अधिकार दिया जाना आवश्यक है, ताकि विकास कार्यों को स्वतंत्र रूप से संचालित किया जा सके। संघ ने यह भी जानकारी दी कि इन मांगों को लेकर 11 दिसंबर 2025 को सुबह 10 बजे से जनपद पंचायत मस्तूरी कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों को औपचारिक प्रतिलिपि के माध्यम से सूचित कर दिया गया है। सरपंच संघ का कहना है कि ये मांगें पंचायतों के विकास, ग्राम स्तर पर समस्या समाधान और चुने गए जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़ी हुई हैं। संघ ने उम्मीद जताई है कि शासन-प्रशासन स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जल्द निर्णय लेगा, अन्यथा आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
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