सीपत-कोरबा मार्ग बना मौत का रास्ता, तीन जगह धंसी सड़क; प्रशासन बेखबर, हर पल हादसे का खतरा..गुड़ी गांव के पास सड़क धंसने से बढ़ी मुश्किलें, न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के सीपत-कोरबा मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति अब राहगीरों की जान पर भारी पड़ने लगी है। जर्जर सड़क से पहले ही परेशान लोगों की मुश्किलें शनिवार से और बढ़ गई हैं। ग्राम गुड़ी के पास तीन स्थानों पर सड़क धंस जाने से हर गुजरने वाला वाहन और राहगीर हादसे की आशंका के बीच सफर करने को मजबूर है। सबसे गंभीर बात यह है कि सड़क धंसने के बावजूद मौके पर न तो किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी के लिए कोई संकेतक बोर्ड लगाया गया है। ऐसे में प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार लगातार एनटीपीसी की राख (फ्लाई ऐश) परिवहन करने वाले भारी वाहन और खाड़ा स्थित कोलवासरी की ओर जाने वाले ओवरलोड कोयला ट्रकों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क की हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती गई। अब स्थिति यह है कि कई जगह सड़क भरभराकर धंस गई है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश के बाद हालात और भयावह हो गए हैं। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से यह पहचानना मुश्किल हो गया है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक जोखिम उठाकर सफर कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वाहन चालक गिरते-गिरते बचे हैं और यदि समय रहते मरम्मत व सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क धंसने जैसी गंभीर स्थिति के बावजूद प्रशासन का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। न तो यातायात को सुरक्षित बनाने की कोशिश की गई और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए कोई व्यवस्था की गई। मामले में प्रशासन का पक्ष जानने के लिए संबंधित अधिकारियों और क्षेत्र की तहसीलदार गरिमा ठाकुर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं होने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल सका। क्षेत्रवासियों ने तत्काल सड़क की मरम्मत, धंसे हिस्सों की बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड लगाने तथा ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन अब भी नहीं जागा तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।
