बिलासपुर; पहली ही बारिश में बह गई 50 करोड़ की स्मार्ट सिटी सड़क..ढही रिटेनिंग वॉल, करोड़ों के निर्माण पर उठे सवाल!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अरपा नदी के दोनों किनारों पर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही सड़क पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। मंगला बस्ती और कोनी क्षेत्र में नदी किनारे बनी रिटेनिंग वॉल का लगभग 100 मीटर हिस्सा ढह गया, जिससे ऊपर बनी सड़क भी बह गई। घटना के बाद निर्माण की गुणवत्ता और पूरे प्रोजेक्ट पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार स्मार्ट सिटी बिलासपुर द्वारा अक्टूबर 2023 में शुरू की गई इस परियोजना के तहत अरपा नदी के दोनों किनारों पर लगभग डेढ़-डेढ़ किलोमीटर सड़क, रिटेनिंग वॉल, नाली और स्ट्रीट लाइट का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना की कुल लागत करीब 50 करोड़ रुपये है। दोनों किनारों पर बनने वाली सड़क की लागत लगभग 22-22 करोड़ रुपये है। बाद में अतिरिक्त कार्य जोड़े जाने से बजट बढ़ा। निर्माण एजेंसी रायपुर की गणपति इंफ्रा है, जिस पर कार्य में देरी के चलते 45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। परियोजना की समय-सीमा भी तीन बार बढ़ाई जा चुकी है। इसके बावजूद पहली ही तेज बारिश में निर्माणाधीन हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। फिलहाल पहली ही तेज बारिश में सड़क बहने और रिटेनिंग वॉल ढहने की घटना ने स्मार्ट सिटी के इस करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें तकनीकी जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
अपर आयुक्त बोले..तकनीकी जांच होगी!
नगर निगम के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने कहा कि पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाएगी। विशेषज्ञ टीम मौके का निरीक्षण करेगी और यदि गुणवत्ता में कमी या निर्माण में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष का आरोप, स्मार्ट सिटी के नाम पर भ्रष्टाचार……
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने कहा कि पहली ही बारिश में सड़क और रिटेनिंग वॉल का ढह जाना करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे स्मार्ट सिटी परियोजना में भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
महापौर का पलटवार, कांग्रेस सरकार जिम्मेदार..…
महापौर पूजा विधानी ने कहा कि यह परियोजना वर्ष 2023 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। एजेंसी का चयन और कार्य आवंटन भी उसी समय किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में हुई गड़बड़ियों के लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है और वर्तमान सरकार पूर्व की गलतियों को सुधारने का प्रयास कर रही है।
