बिलासपुर; हाईकोर्ट चैतन्य बघेल की याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित….

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। कई दिनों तक चली दलीलों के बाद जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया। फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत में दावा किया कि शराब घोटाले की अवैध कमाई से चैतन्य बघेल को लगभग 16.70 करोड़ रुपए मिले। एजेंसी के अनुसार घोटाले की ब्लैक मनी को रियल एस्टेट में घुमाया गया और करीब 1000 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं। ED का कहना है कि बघेल डेवलपर्स के विठ्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट में घोटाले के पैसों का निवेश हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि प्रोजेक्ट पर वास्तविक खर्च 13–15 करोड़ रुपए था, लेकिन दस्तावेजों में सिर्फ 7.14 करोड़ रुपए दिखाए गए। इसके अलावा ठेकेदार को 4.2 करोड़ रुपए नकद भुगतान का दावा किया गया, जो बहीखातों में दर्ज नहीं है। अब हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार दोनों ही राजनीतिक खेमों में बढ़ती सरगर्मी के साथ किया जा रहा है।
