बिलासपुर में छात्र की संदिग्ध मौत; परिजन ने उठाए सवाल..44 दिन बाद भी रहस्य बना अर्सलान की मौत!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) के छात्र अर्सलान अंसारी की संदिग्ध मौत की गुत्थी 44 दिन बाद भी नहीं सुलझ पाई है। बिहार के छपरा निवासी अर्सलान (22) की मौत को लेकर परिजन लगातार पुलिस जांच पर सवाल उठा रहे हैं। सोमवार को वे न्याय की मांग लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे और मामले में नामजद एफआईआर दर्ज करने की मांग की। गौरतलब है कि अर्सलान 20 अक्टूबर से लापता था। तीन दिनों तक उसका कोई पता नहीं चला, जबकि 23 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे कैम्पस स्थित तालाब में उसका शव मिला। परिजनों ने शुरू से ही हत्या की आशंका जताई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले को मर्डर एंगल से दर्ज किया था। पीएम रिपोर्ट में छात्र के सिर पर चोट के निशान होना पुष्टि की गई है। इसी के बाद पुलिस ने डॉक्टरों से चार बिंदुओं पर विशेष राय (क्वेरी) मांगी। चोट का खुलासा होने से संदिग्ध मौत की कहानी और उलझ गई है।
जांच पर उठ रहे सवाल…….
घटना के 44 दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। परिजन व छात्र संगठन लगातार आरोप लगा रहे हैं कि छात्र अकेला तालाब तक कैसे पहुंचा? क्या पीछे से वार कर उसे तालाब में धकेला गया? कैंपस सुरक्षा व्यवस्था कहां थी? तीन दिन तक कोई भी अनुपस्थिति क्यों दर्ज नहीं हुई? क्या यूनिवर्सिटी में प्रॉपर अटेंडेंस सिस्टम नहीं है?
बिहार से बिलासपुर पहुंचे परिजन की गुहार……
न्याय की तलाश में परिजन बिहार से बिलासपुर पहुंचे। उनका आरोप है कि यदि अर्सलान की खोजबीन जल्द शुरू की जाती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने पुलिस से नामजद हत्या रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। जीजीयू छात्र की मौत अब भी रहस्य बनी हुई है। 44 दिन बीतने के बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ने से परिजनों में रोष है और कैंपस सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


















