बिलासपुर; नगर निगम की बड़ी लापरवाही उजागर, लाखों की नई जिम मशीनें कचरे में दबाकर बना दी गईं कबाड़…..

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) नगर निगम की लापरवाही और कुप्रबंधन की एक और तस्वीर सामने आई है, जो खुद बताती है कि सिस्टम कैसे करोड़ों के सार्वजनिक संसाधनों को कबाड़ में बदल रहा है। संजय तरण पुष्कर के पीछे नवनिर्मित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स परिसर में लाखों की नई जिम मशीनें, आर्टिफिशियल बिजली खंभे और पम्प हाउस का नया सामान कचरे के ढेर में फेंककर सड़ने के लिए छोड़ दिया गया है। यह वही फिटनेस उपकरण हैं, जिन्हें वार्डों में लगाकर युवाओं को शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना था। राजधानी से थोक सप्लाई कर सभी निकायों में भेजी गई ये मशीनें बिना उपयोग के ही कबाड़ के नीचे दबाकर बेकार कर दी गईं। कई उपकरण तो बिल्कुल नए जैसे दिख रहे हैं, पेंट तक नहीं उधड़ा। इधर नगर निगम की आर्थिक हालत बेहद खराब है, बिजली बिल का बकाया 167 करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है, कर्मचारी वेतन के लिए परेशान हैं, और निगम बड़े बकायेदारों की सूची में शामिल है। इसके बावजूद लाखों की सामग्री यूं ही बर्बाद की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या निगम के अफसर निरीक्षण नहीं करते? और अगर करते हैं तो यह खुली बर्बादी उन्हें क्यों नहीं दिखती? पार्कों और गार्डनों में टूटे-फूटे पुराने उपकरणों को बदलकर इन्हें लगाया जा सकता था, लेकिन किसी ने पहल नहीं की। जप्त कबाड़ के गायब होने, काऊ कैचर और अन्य सामान के कबाड़ दुकानों में पहुँचने जैसे मामले पहले ही निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर चुके हैं। सभापति तक पूछ चुके हैं कि होर्डिंग्स कार्रवाई से लेकर अब तक का जमा कबाड़ आखिर कहाँ है? लगातार सामने आ रही तस्वीरें बता रही हैं कि नगर निगम में संसाधन बचाने के बजाय संसाधन बर्बाद करने का ‘फंडा’ चल रहा है।
