बिलासपुर में रेत घाटों की ऑनलाइन नीलामी जारी, उदईबंद के दो बड़े घाट आज होंगे नीलाम…..

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले में रेत घाटों की ऑनलाइन नीलामी का क्रम जारी है। अब तक जिले के चार घाट—जरगा, कुकुर्दीकला-2, निरतू और लमेर—ठेके पर दिए जा चुके हैं। इनमें से सिर्फ लमेर घाट ही बिलासपुर के बोलीदार रविकुमार मधुकर के हिस्से आया है, जबकि बाकी तीन घाट दूसरे जिलों के ठेकेदारों ने हासिल किए। अब जिले की सबसे बड़ी नीलामी को होने जा रही है। उदईबंद के दो प्रमुख घाट—उदईबंद-2 (11 हेक्टेयर) और उदईबंद-3 (13 हेक्टेयर)—का नीलामी प्रक्रिया प्रार्थना सभा भवन में होगी। कुल 24 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले ये घाट इस सीजन की सबसे बड़ी बोली माने जा रहे हैं, इसलिए प्रशासन और बोलीदारों की निगाहें इस नीलामी पर टिकी हैं। इस बार ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने के बाद आवेदन संख्या में भारी गिरावट देखने को मिली है। जरगा, कुकुर्दीकला-2 और निरतू घाटों के लिए कुल 733 आवेदन आए, जिससे शासन को 73 लाख रुपए की आय हुई। जबकि दो साल पहले ऑफलाइन नीलामी में 1640 आवेदन आए थे और 1 करोड़ 64 लाख रुपए का राजस्व मिला था। तुलना करें तो विभाग को लगभग 91 लाख रुपए का नुकसान माना जा रहा है। पहले ऑफलाइन प्रक्रिया पर यह आरोप लगते थे कि रसूखदार लोग अपने भरोसेमंद व्यक्तियों के नाम से आवेदन भरवाकर घाटों पर दबदबा बना लेते थे। लोडिंग चार्ज और रेत दरें बढ़ाने जैसी शिकायतें भी आम थीं। लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बाद पारदर्शिता तो बढ़ी है, हालांकि आवेदन कम होने से कुल आय पर असर साफ दिख रहा है। आज की नीलामी के बाद यह तय होगा कि उदईबंद के दोनों बड़े घाट किसके हिस्से जाते हैं। प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है और नज़रें अब अंतिम नतीजे पर टिकी हैं।


















