बिलासपुर; एक ही समय में कई जिम्मेदारियां..दबाव में आई महिला पर्यवेक्षक, बढ़ा ब्लड प्रेशर—जिला अस्पताल में भर्ती!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत एकीकृत बाल विकास परियोजना, बिलासपुर में पदस्थ एक महिला पर्यवेक्षक को अत्यधिक कार्यभार और मानसिक दबाव के चलते अचानक तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिजनों ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि एक साथ कई महत्वपूर्ण दायित्व दिए जाने और समय-सीमा में कार्य पूरा न होने पर नोटिस जारी किए जाने से उनका मानसिक तनाव बढ़ गया। तारबाहर सेक्टर में पदस्थ पर्यवेक्षक पी. गीता कृष्णन को एसआईआर के साथ-साथ महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी, टेक होम राशन वितरण की निगरानी, तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं का मानदेय तैयार करने जैसी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन सभी कार्यों के लिए विभाग ने सख्त समय-सीमा भी निर्धारित की है। परिजनों के अनुसार निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं होने पर विभाग की ओर से उन्हें दो बार नोटिस जारी किए जा चुके थे, जिससे वह लगातार दबाव में थीं। बताया गया कि दयालबंद क्षेत्र में एसआईआर का कार्य करते समय उनका मानसिक तनाव बढ़ गया और रक्तचाप अचानक ऊपर चला गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
विभाग मामले को शांत करने में जुटा……
घटना सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर हलचल मच गई है। अब विभाग इस मामले को शांत करने के साथ-साथ भविष्य में कर्मचारियों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कार्य प्रणाली में सुधार पर विचार कर रहा है। यह घटना विभागीय कार्य वितरण एवं ओवरलोडिंग पर फिर एक बार गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी ने बढ़ाया दबाव……..
परियोजना अधिकारी द्वारा जारी हालिया पत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में लापरवाही, ई-केवाईसी की धीमी प्रगति और पोषण ट्रैकर एप में कम अपडेट को गंभीरता से लेने की बात कही गई थी। साथ ही सभी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए गए थे कि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा किया जाए, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। परिजनों का कहना है कि यही चेतावनी उनके तनाव का प्रमुख कारण बनी।
SDM का बयान— “सब ठीक है”
घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम बिलासपुर मनीष साहू स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया पर्यवेक्षक की तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही हम जिला अस्पताल पहुंचे। पता चला कि वह ब्लड प्रेशर की मरीज हैं और इलाज के लिए भर्ती किया गया है। फिलहाल उनकी स्थिति सामान्य है।
