बिलासपुर में मतदाता सूची पुनरीक्षण सख्त, गलत जानकारी पर होगी कानूनी कार्रवाई, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत दंड का प्रावधान…….

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान अब किसी भी तरह की गलत, भ्रामक या झूठी जानकारी देना सीधे दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के मुताबिक— ऐसी कोई भी सूचना जो जानबूझकर गलत दी गई हो, उसके लिए कानून सजा का प्रावधान करता है। 4 नवंबर से जिलेभर में चल रहे इस अभियान के तहत 1 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि माना गया है। पुनरीक्षण कार्य के पहले चरण में गणना प्रपत्रों का वितरण लगभग पूरा हो चुका है। अब जिला निर्वाचन कार्यालय इन प्रपत्रों के संग्रहण और डिजिटाइजेशन के चरण में जुट गया है, ताकि आगामी मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन की जा सके। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल ने नागरिकों से अपील की है कि गणना प्रपत्र भरते समय विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने साफ कहा कि— मृत व्यक्ति के नाम पर फॉर्म जमा करना, किसी अप्रवासी या गैर-नागरिक के लिए जानकारी भरना, एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज कराना, दोहरी प्रविष्टि छिपाकर अलग-अलग जगह फॉर्म भरना, इन सभी को कानून के तहत गंभीर अपराध माना जाएगा। कलेक्टर अग्रवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी घोषणा या जानकारी के गलत पाए जाने पर धारा 31 के तहत सजा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि “मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए हर नागरिक की सही और पूर्ण जानकारी बेहद जरूरी है।” अग्रवाल ने जिलेवासियों से अनुरोध किया कि वे अपने गणना प्रपत्र समय पर जमा करें और किसी भी प्रकार की गलत सूचना देने से बचें, ताकि सही और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार हो सके।
