छत्तीसगढ़ में SIR प्रक्रिया पर निर्वाचन आयोग का अलर्ट, गलत जानकारी देने पर सजा का प्रावधान….

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने बताया कि SIR फॉर्म भरते समय गलत जानकारी देने या गलत दस्तावेज लगाने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत 1 साल की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। आयोग ने मतदाताओं को सतर्क करते हुए साफ किया है कि फॉर्म भरने के दौरान कोई भी BLO मतदाताओं से OTP नहीं मांगते। न ही आयोग का कोई कर्मचारी फोन पर ओटीपी या निजी जानकारी पूछता है। ऐसी स्थिति होने पर मतदाता थाने में शिकायत कर सकते हैं। इस बीच एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने SIR फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है। वर्तमान में यह प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चल रही है। ADR का कहना है कि धान खरीदी के चलते अधिकांश लोग व्यस्त हैं और फॉर्म भर नहीं पा रहे। राज्य निर्वाचन आयुक्त यशवंत कुमार ने 21 नवंबर को जारी आदेश में कहा है कि मृत व्यक्ति, गैर-नागरिक या एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज करवाने जैसी गलत जानकारी देना अपराध है। उन्होंने अपील की कि कोई भी व्यक्ति फॉर्म में गलत घोषणा न करे और किसी को भी निजी जानकारी या OTP न बताए। 27 अक्टूबर 2025 तक छत्तीसगढ़ में कुल 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से 2 करोड़ 10 लाख 25 हजार 208 मतदाताओं को गणना फॉर्म दिया जा चुका है। 21 नवंबर 2025 तक करीब 65 लाख से अधिक फॉर्म डिजिटलाइज किए जा चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 31% है। BLO नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 और घोषणा प्रपत्र भरवा रहे हैं। वे हर घर पर कम से कम तीन बार जाएंगे। जो लोग घर पर नहीं मिलते, वे ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। इसके अलावा BLO मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट वोटरों की पहचान भी करेंगे। जिन मतदाताओं के दस्तावेज़ों का मिलान तय रिकॉर्ड से नहीं होगा, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और सुनवाई के बाद पात्रता तय होगी।
