मिड-डे मील में आवारा कुत्तों की बढ़ती दखलअंदाजी पर बड़ा फैसला, शिक्षा विभाग ने स्कूल शिक्षकों को दिया कुत्ता नियंत्रण का निर्देश, छात्र को काटने पर प्राचार्य होंगे जिम्मेदार……

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) शिक्षा विभाग की ओर से जारी एक नए और चौंकाने वाले आदेश ने पूरे शैक्षणिक जगत में बहस छेड़ दी है। लोक डीपीआई द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक अब राज्य के सभी स्कूलों के प्राचार्य और प्रधान पाठकों को शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ स्कूल परिसर के आसपास घूमने वाले आवारा कुत्तों को पकड़वाने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि संस्था प्रमुख स्थानीय पंचायत, जनपद, नगर निगम और अन्य निकायों के साथ समन्वय कर स्कूलों के आसपास से आवारा कुत्तों को हटवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही यदि किसी छात्र को आवारा कुत्ता काट लेता है, तो संस्था प्रमुख को ही तत्काल उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। पहले से ही शिक्षकों व प्राचार्यों पर BLO ड्यूटी, सर्वे, जनगणना और गैर-शैक्षणिक कार्यों का अतिरिक्त बोझ है। ऐसे में “कुत्ता नियंत्रण” की नई जिम्मेदारी सौंपे जाने से शिक्षकों में नाराज़गी बढ़ गई है। कई शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग लगातार ऐसे कार्य सौंप रहा है, जिनका शैक्षणिक गतिविधियों से कोई सीधा संबंध नहीं है। राजेंद्र नगर स्कूल के प्राचार्य मोहनलाल पटेल और बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे ने आदेश की पुष्टि भी की है। दोनों अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों से शिकायतें मिल रही थीं कि मध्याह्न भोजन के समय स्कूलों में आवारा कुत्तों की भीड़ लग जाती है। ये कुत्ते बच्चों का भोजन झपटने, गंदगी फैलाने, उन्हें डराने और कभी-कभी काटने तक की घटनाओं का कारण बन रहे थे। इसी स्थिति को देखते हुए विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जेडी और डीईओ, संस्था प्रमुखों के माध्यम से सुनिश्चित करेंगे कि स्कूलों के आसपास से आवारा कुत्तों को पकड़वाने की नियमित कार्रवाई होती रहे। शिक्षा विभाग का तर्क है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए स्कूल परिसर और उसके आसपास का वातावरण सुरक्षित और भयमुक्त रहना आवश्यक है। आदेश जारी होते ही यह मामला शिक्षकों में चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर कब तक स्कूलों के शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ उठाना पड़ेगा।
