लकड़ी तस्करों का आतंक, हाथियों की निगरानी पर तैनात वनकर्मियों को बंधक बनाकर पीटा, जान से मारने की दी धमकी…..

कोरबा: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले में लकड़ी तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे वन विभाग के कर्मचारियों पर भी जानलेवा हमला करने से नहीं डर रहे। करतला वन परिक्षेत्र में हाथियों की निगरानी कर रहे दो वनकर्मियों को तस्करों ने न सिर्फ बंधक बनाया, बल्कि बेरहमी से पिटाई कर उनकी वर्दी तक फाड़ दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया। घटना 15 नवंबर की रात रामपुर क्षेत्र के कक्ष क्रमांक ओए 1464, मुड़धोवा पतरा ग्राम जोगीपाली के जंगल की है। यहां पिछले 15 दिनों से हाथियों का दल डेरा डाले हुए है, जिसकी निगरानी की जिम्मेदारी वनपाल चमरू सिंह कंवर और बीट गार्ड गजाधर सिंह राठिया को दी गई थी। रात के समय उन्हें जंगल से अवैध कटाई की सूचना मिली, जिसके बाद दोनों कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जंगल से निकल रहे एक ट्रैक्टर को रोककर जांच की गई, जिसमें साल के तीन लट्ठे लदे मिले। ट्रैक्टर में जोगीपाली निवासी मनाराम पटेल, अंकुश पटेल सहित 8–10 लोग सवार थे। जैसे ही ट्रैक्टर रोका गया, तस्कर वनकर्मियों से उलझ पड़े। देखते ही देखते आरोपियों ने उनके मोबाइल छीन लिए और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद दोनों वनकर्मियों को जबरन ट्रैक्टर में बिठाकर जोगीपाली गांव ले जाया गया और धमकी दी गई कि भागने की कोशिश की तो जान से मार दिया जाएगा। गांव पहुंचकर तस्करों ने अपने रिश्तेदारों और अन्य ग्रामीणों को भी बुला लिया, जिसके बाद लगभग 20–25 लोगों ने मिलकर एक बार फिर उनकी पिटाई की और वर्दी तक फाड़ दी। मारपीट के दौरान एक वनकर्मी किसी तरह मौके से भागने में सफल हुआ और उसने अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया। डीएफओ प्रेमलता यादव ने बताया कि पीड़ित वनकर्मियों के साथ करतला थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वहीं घटना से आक्रोशित वनकर्मी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। घटना ने एक बार फिर जंगलों में सक्रिय लकड़ी माफिया के बढ़ते आतंक और वनकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
