बिलासपुर; महमंद तालाब फिर बना मौत का कुआं..4 छात्र डूबे, 2 की दर्दनाक मौत…मुरूम खनन पर ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल, पढ़िए पूरी ख़बर!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) तोरवा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत महमंद स्थित लाल गड्ढा तालाब में नहाने गए चार छात्रों में से दो की डूबकर मौत हो गई। रविवार दोपहर करीब 2 बजे हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। लगभग तीन घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद SDRF की टीम ने देर शाम दोनों छात्रों के शव बरामद कर लिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर के भारत माता स्कूल और रेलवे स्कूल में 11वीं-12वीं में पढ़ने वाले चार छात्र प्रियांशु सिंह (16) निवासी शिव विहार, एम. उदय किरण (16) निवासी अन्नपूर्णा कॉलोनी, टी. पवन (18) निवासी अन्नपूर्णा कॉलोनी, पी. साईं राजेश (17) निवासी अन्नपूर्णा कॉलोनी ये चारों बाल कटिंग कराने के बाद रविवार दोपहर नहाने के लिए लाल गड्ढा तालाब पहुंचे थे। नहाते वक्त अचानक गहरे पानी में चले जाने से चारों डूबने लगे। पास में मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल रेस्क्यू शुरू किया और दो छात्रों प्रियांशु सिंह व उदय किरण को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, परंतु पवन और साईं राजेश गहरे पानी में लापता हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। तालाब की अत्यधिक गहराई और फिसलन भरी मिट्टी के बीच टीम ने सर्च अभियान चलाया। करीब तीन घंटे बाद पहले टी. पवन और इसके लगभग 30 मिनट बाद पी. साईं राजेश के शव बरामद किए गए। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।

तालाब बना ‘मौत का कुआं’, ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच पर लगाए गंभीर आरोप…….
हादसे के बाद जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश सूर्या, सरपंच प्रतिनिधि विक्की निर्मलकर, देवरीखुर्द मंडल महामंत्री जितेंद्र राय सहित ग्रामीणों ने तालाब की खतरनाक स्थिति को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने व ग्रामीणों ने बताया कि तालाब से मुरूम खनन कर बेचने का काम पूर्व पंचायत के संरक्षण में चलता रहा। इससे तालाब बेहद गहरा और खतरनाक हो गया, जो मौत का कुआं बन चुका है। यह तीसरी घटना है, इससे पहले भी कई हादसों में लोगों की जान जा चुकी है। पूर्व सरपंच ने जिम्मेदारी लेने का दावा किया था, लेकिन हादसों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि मुरूम खनन का विरोध और शिकायतें भी की गईं, पर प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है और कहा कि प्रशासन को अब जिम्मेदारों पर सख्त कदम उठाने होंगे।

