बिलासपुर; सुप्रीम कोर्ट ने रोकी मिशन अस्पताल परिसर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, 50 से ज्यादा मकान ढहाए जाने के बाद दिया यथास्थिति बनाए रखने का आदेश, मसीही समाज ने किया प्रदर्शन…..

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) शहर में मिशन अस्पताल परिसर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रोक दी गई है। हालांकि इससे पहले नगर निगम प्रशासन ने 50 से अधिक मकानों को तोड़ दिया था। मामला मिशन अस्पताल की लीज नवीनीकरण से जुड़ा है। सोमवार को हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद निगम ने अतिक्रमण हटाना शुरू किया था। इसके खिलाफ ईसाई महिला मिशन बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। मंगलवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सुनवाई करते हुए मिशन बोर्ड को अंतरिम राहत दी और कहा कि मौजूदा स्थिति बरकरार रखी जाए। कोर्ट ने आदेश की कॉपी तुरंत बिलासपुर कलेक्टर को भेजने के निर्देश दिए।

बुधवार को अतिक्रमण के विरोध में बड़ी संख्या में मसीही समाज के लोग मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। पुलिस बल की मौजूदगी में कई बार तनाव की स्थिति बनी। पीड़ित पक्ष के अरशद हुसैन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट से दोपहर 12 बजे मौखिक आदेश मिल चुका था, लेकिन कॉपी आने से पहले ही प्रशासन ने बुलडोजर चलाना तेज कर दिया। मिशन अस्पताल की लीज 2014 में समाप्त हो चुकी थी। नवीनीकरण के लिए आवेदन 2024 में किया गया था, जिसे नजूल न्यायालय ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने भी प्रशासन के फैसले को सही ठहराया। इसके बाद मिशन बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मिशन अस्पताल की स्थापना 1885 में हुई थी। यह जमीन क्रिश्चियन वुमन बोर्ड ऑफ मिशन को धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए दी गई थी। वर्तमान में अस्पताल परिसर का एक हिस्सा बंद है और “न्यू वंदना अस्पताल” के नाम से संचालन किया जा रहा था।
