50 लाख विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर, अब कुर्सी नहीं बचेगी; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग..बिलासपुर में NSUI ने फूंका पुतला!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था और बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर एनएसयूआई ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश महासचिव अर्पित केशरवानी के नेतृत्व में गोलबाजार में प्रदर्शन करते हुए शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया। एनएसयूआई नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था लगातार अव्यवस्थाओं से जूझ रही है और इसका सीधा असर प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है। संगठन ने छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं हिंदी परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री की नैतिक जवाबदेही तय करने की मांग की। पूर्व प्रदेश सचिव सोहराब खान ने कहा कि जब शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सार्वजनिक बयान दे सकते हैं, तो छत्तीसगढ़ में पेपर लीक जैसी गंभीर घटना के बाद नैतिक जिम्मेदारी क्यों नहीं लेते। उन्होंने कहा कि 50 लाख विद्यार्थियों का भविष्य किसी मंत्री की कुर्सी से छोटा नहीं हो सकता। एनएसयूआई ने कोरोना काल में शुरू की गई ‘महतारी दुलार योजना’ का लाभ पात्र विद्यार्थियों को दोबारा देने की भी मांग की। संगठन का आरोप है कि योजना का लाभ नहीं मिलने से कई विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि शिक्षा विभाग में किसी गड़बड़ी के लिए मंत्री जिम्मेदार नहीं हैं, तो विभाग की सर्वोच्च जवाबदेही आखिर किसकी है। एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री से शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को बिलासपुर से आगे पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सचिव रंजेश सिंह, आकाश श्रीवास्तव, रिहान रात्रे, शाहिल अली, देवराज अहिरवार, अमन यादव, कासिम अली, किशन सोनी, संस्कार रजक, आयुष भट्ट, मुकेश कुमार कुरी, सिनू रात्रे, अतुल, कोमल साहू, साहिल अली, वीर यादव, रोहन सारथी, युवराज सूर्यवंशी, कार्तिक नवरंग, अक्षत वैष्णव, रवि सूर्यवंशी, दीनू ध्रुव, आयुष रात्रे, उत्तम दहेडिया और शुभम खुर्रे सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
