नसबंदी ऑपरेशन के दौरान दो महिलाओं की मौत, दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए, मंत्री ने दिए जांच के आदेश…..

दुर्ग: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले में नसबंदी के दौरान हुई दो महिलाओं की मौत ने स्वास्थ्य विभाग में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला अस्पताल में हुए इस हादसे के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है और मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पहला मामला बजरंग नगर निवासी पूजा यादव का है, जो नसबंदी प्रक्रिया के लिए जिला अस्पताल आई थीं। ऑपरेशन के दौरान ही उन्हें अचानक तेज झटके आने लगे और शरीर में अकड़न महसूस होने लगी। हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। दूसरे मामले में सिकोला भाटा निवासी किरण यादव ने उसी दिन सुबह सिज़ेरियन ऑपरेशन के माध्यम से बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद जब उनका नसबंदी ऑपरेशन किया जा रहा था, तभी उन्हें भी झटके आने लगे। डॉक्टरों ने तुरंत आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया, लेकिन शाम तक उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
दवाओं के रिएक्शन की आशंका……
सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने बताया कि पूजा यादव को नसबंदी के दौरान बुपिवेकैन 3 एमएल, मिडान 1 एमजी और 2 आरएल (रिंगर लैक्टेट) दिया गया था। वहीं किरण यादव को बुपिवेकैन 2.2 एमएल, ऑक्सीटोसिन 10 आईयू, 2 आरएल और 1 डीएनएस दिया गया था। पहली नजर में आशंका है कि इन दवाओं में से किसी एक के रिएक्शन ने महिलाओं की स्थिति बिगाड़ी होगी। दोनों मामलों में समान लक्षण झटके और शरीर में अकड़न देखने को मिले थे। उपयोग की गई सभी दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं ताकि वास्तविक कारणों का पता चल सके।
मंत्री ने कार्रवाई के दिए आदेश……..
कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि कलेक्टर से चर्चा कर जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन 23 महिलाओं की नसबंदी की गई थी, जिनमें से यादव समाज की दो महिलाओं की मौत हुई है। मंत्री ने कहा कि दवाई का साइड इफेक्ट है या किसी अन्य लापरवाही का मामला है, यह जांच के बाद साफ होगा। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
