हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर गिरफ्तार, पुलिस ने निकाला जुलूस…..

रायपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) पुलिस ने सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के मामलों में फरार हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसका जुलूस निकाला। इस दौरान वह लंगड़ाते हुए चला और बेहोश होकर गिर पड़ा। उसकी बनियान भी फटी हुई थी। क्राइम ब्रांच और पुरानी बस्ती पुलिस ने उसे 5 महीने बाद एमपी के ग्वालियर से पकड़ा है। पुलिस ने उसे रायपुर स्थित ACCU कार्यालय लाकर पूछताछ की। वहीं उसका भाई रोहित तोमर अभी भी फरार है। टीम उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। दोनों भाइयों के खिलाफ रायपुर के विभिन्न थानों में 16 से ज़्यादा मामले दर्ज हैं, जिनमें चाकूबाजी, मारपीट, हत्या का प्रयास, धमकी, धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग शामिल हैं। वीरेंद्र की फरारी के दौरान पुलिस ने उसके घर की तलाशी में अवैध हथियार बरामद किया था, जिसके बाद आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई। रोहित-वीरेंद्र के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीबियों के पास से 40 करोड़ से अधिक की रजिस्ट्री, साढ़े तीन करोड़ का सोना और 10 लाख की चांदी भी जब्त की। बैंक पासबुक, ब्लैंक चेक और एटीएम भी मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि ये दस्तावेज उन कर्जदारों की संपत्तियों के हैं जिन्हें ब्लैकमेल कर कब्जे में लिया गया था। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने रोहित और वीरेंद्र तोमर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, उनकी पत्नियों और भतीजे को अग्रिम जमानत मिल गई है। अदालत में सरकारी वकील ने बताया कि दोनों भाइयों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है और वे आदतन अपराधी हैं। सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग के मामलों में रोहित तोमर को रायपुर में ‘गोल्डन मैन’ के नाम से भी जाना जाता है। रसूख बनाए रखने के लिए वह अपने गिरोह के साथ कार्यक्रमों में भी दिखता था। पुलिस अब फरार रोहित तोमर की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
