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NTPC सीपत के खिलाफ 8 गांवों का असहयोग आंदोलन तय..“25 साल बाद भी प्रभावित ग्रामों का विकास अधूरा, अब 7 नवंबर को मोमबत्ती जलाकर करेंगे विरोध”

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) एनटीपीसी सीपत के प्रभावित आठ गांवों के सरपंचों और प्रतिनिधियों ने रविवार को ग्राम जांजी के पंचायत भवन में बैठक कर एनटीपीसी प्रबंधन के खिलाफ बड़ा विरोध दर्ज कराने की घोषणा की। सरपंचों ने कहा कि हमें गर्व है कि हम एनटीपीसी प्रभावित क्षेत्र के सरपंच हैं, पर अफसोस है कि कंपनी के आने के 25 वर्ष बाद भी विकास के नाम पर हमें कुछ नहीं मिला। बैठक में कहा गया कि किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए न चारागाह है, न गौठान। बेरोजगार युवाओं के लिए कोई रोजगार व्यवस्था नहीं है। व्यापारी भाइयों के हित में मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट और सीसी कैमरा तक नहीं लगाए गए हैं। स्कूलों के पास न स्पीड ब्रेकर हैं, न कैमरा। साफ-सफाई की स्थिति भी बदहाल है। क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्स-रे मशीन, सोनोग्राफी और मरच्यूरी फ्रीजर जैसी आवश्यक सुविधाएं आज तक नहीं हैं। वहीं सीपत मुख्य मार्ग पर भव्य स्वागत द्वार का निर्माण भी नहीं हुआ है। गर्मी के मौसम में गांवों में पानी के लिए लोग आज भी टैंकरों पर निर्भर हैं। जर्जर सड़कों और अंधेरे में डूबे मार्गों पर लोगों की सुरक्षा खतरे में है। सरपंचों ने बताया कि 7 नवंबर 2025 को एनटीपीसी का स्थापना दिवस है। उसी दिन शाम 7 बजे से 7 बजकर 15 मिनट तक सीपत, जांजी, कौड़ियां, गतौरा, राख, कर्रा, देवरी और रलियां इन आठों प्रभावित गांवों में बिजली बंद रखी जाएगी और मोमबत्ती जलाकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज किया जाएगा। इस क्षण को ड्रोन कैमरे से रिकॉर्ड किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे हम कोरोना काल में एकजुट थे, वैसे ही अब प्रभावित गांवों के विकास के लिए एक होकर एनटीपीसी के खिलाफ असहयोग आंदोलन करेंगे।

सरपंचों ने रखी ये प्रमुख मांगे…….

1. नवंबर तक सभी स्वीकृत विकास कार्यों के टेंडर जारी किए जाएं।

2. बेरोजगारों के दस्तावेज जो जनप्रतिनिधियों द्वारा एनटीपीसी को सौंपा गया गया हैं। 15 दिन के भीतर भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जाए।

3. दलदल प्रभावित किसानों को प्रतिवर्ष जनवरी तक मुआवजा राशि दी जाए।

4. एनटीपीसी द्वारा प्रभावित ग्राम जांजी में बिना पंचायत की अनुमति के बनाए जा रहे लेबर रूम का निर्माण रोका जाए।

5. उड़ते राखड़ से लोगों की परेशानियों का 15 दिनों में स्थायी समाधान किया जाए।

6. भूस्थापितों की 288 लंबित भर्तियों पर तत्काल निर्णय लिया जाए।

15 दिनों में कार्रवाई नहीं तो बड़ा आंदोलन……..

सरपंचों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सुनवाई या ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी माह में ब्लैक रिबन लगाकर एनटीपीसी गेट पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में सभी आठ प्रभावित ग्रामों सीपत, जांजी, कौड़ियां, गतौरा, राख, कर्रा, देवरी और रलियां के सरपंच एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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