सीपत पुलिस की बड़ी नाकामी उजागर; 3 दिन में 7 चोरी की घटनाएं..थाने से 100 मीटर दूर भी चोर बेखौफ, पुलिस ने नहीं लिखीं रिपोर्ट…पुलिस पर उठे गंभीर सवाल!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) सीपत क्षेत्र में पुलिस की लापरवाही और नाकामी साफ तौर पर सामने आ चुकी है। पिछले 3 दिनों के भीतर 7 अलग-अलग जगह चोरी की वारदातें हुईं, जिनमें से 4 जगह चोर नाकाम रहे लेकिन 3 घटनाओं में नगदी और सामान समेत लाखों का माल पार हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि थाना चौक, जो थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर है, वहां भी चोरों ने होटल में धावा बोलकर 20 हजार रुपए नगद उड़ा लिए। लोगों का कहना है कि लगातार चोरी की घटनाओं से साफ है कि सीपत पुलिस की गश्त और निगरानी केवल कागजों में सिमटकर रह गई है। यहां तक कि थाने के आसपास होने वाली चोरी पुलिस और चोरों के बीच मिलीभगत की तरफ इशारा करती है।

पहली वारदात; धनंजय ऑटो इलेक्ट्रिकल्स से सामान चोरी…..
सोमवार-मंगलवार रात चोरों ने सीपत के यूनियन बैंक के पास स्थित धनंजय ऑटो इलेक्ट्रिकल्स दुकान का ताला तोड़कर करीब 15 हजार का सामान चुरा लिया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि रात 2.30 बजे अज्ञात चोर दुकान का ताला तोड़ अंदर दाखिल हुआ और कई बैटरियां, अल्टीनेटर व इलेक्ट्रिकल पार्ट्स उठाकर फरार हो गया।
दूसरी वारदात; फैक्ट्री से 35 हजार का माल पार……..
फरहदा स्थित फ्लाई ऐश ब्रिक्स फैक्ट्री से भी चोरों ने धावा बोला। फैक्ट्री के चौकीदार ने मालिक शशि नारायण भोंसले को फोन पर चोरी की जानकारी दी। चोरों ने 2 नग लोहे का सांचा (कीमत 32 हजार) और पास ही से 3 हजार का लोहे का गेट चोरी कर लिया।

तीसरी वारदात; थाना चौक के होटल से 20 हजार नगद गायब…….
सबसे शर्मनाक घटना थाना चौक में हुई। ग्राम गुड़ी निवासी होटल संचालक अनिल रजक ने शिकायत दी कि 17 सितंबर की रात अज्ञात चोर होटल के पिछले हिस्से से प्लाई तोड़कर अंदर घुसे और गल्ले से 20 हजार रुपए कैश उड़ा ले गए। यह घटना थाने से महज 100 मीटर दूर हुई, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। हैरानी की बात तो यह रही कि होटल संचालक सुबह से ही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने बैठा था, लेकिन पुलिस ने दिनभर टालमटोल करते हुए शाम तक एफआईआर दर्ज नहीं की।
पुलिस पर उठ रहे सवाल……
थाने से 100 मीटर दूरी पर चोरी होना पुलिस की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है, इससे पहले भी थाने से 500 मीटर दूरी पर बने 100 बिस्तर वाले अस्पताल से चोर बड़ी चोरी कर चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस किसी आरोपी को पकड़ नहीं पाई। घटनाओं की बढ़ती संख्या बताती है कि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। लगातार हो रही चोरियों और पुलिस की निष्क्रियता से आम लोगों में गहरा आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब थाने के नजदीक पुलिस सुरक्षा व्यवस्था नाकाम है तो गांव और दूरस्थ क्षेत्रों का क्या हाल होगा? इन घटनाओं ने सीधे-सीधे थाना प्रभारी गोपाल सतपथी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता अब पुलिस की जिम्मेदारी तय करने और कड़ी कार्यवाही की मांग कर रही है।
