परिवार ने थाने के सामने आत्मदाह की कोशिश न्याय नहीं मिलने से आहत, दो महिलाएं, युवती और दो बच्चे पेट्रोल लेकर पहुंचे, पुलिस ने बचाई जान….

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) मोहला-मानपुर अंबागढ़ चौकी में शनिवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां एक ही परिवार के पांच लोगों ने न्याय न मिलने पर थाने के सामने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की। समय रहते पुलिस ने उन्हें रोक लिया और हाथों से ज्वलनशील पदार्थ व माचिस छीनकर मामला शांत कराया। आत्मदाह की कोशिश करने वालों में दो महिलाएं, एक युवती और दो छोटे बच्चे शामिल थे। परिवार ग्राम पंचायत पांगरी का रहने वाला है। पीड़ितों का आरोप है कि गांव के दबंगों ने उनकी निजी जमीन पर बनी दुकान को जबरन बंद करवा दिया और उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। बच्चों को स्कूल और मंदिर तक जाने से रोका जा रहा है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने से परेशान होकर परिवार ने आत्मदाह का कदम उठाया। पीड़िता केसरिया साहू ने बताया कि उनके होटल को बंद कराने के लिए गांव के दबंग दबाव बना रहे हैं। उन्होंने SP ऑफिस, महिला आयोग समेत कई जगह आवेदन दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पंचायत ने भी दुकान बंद करने का नोटिस पकड़ा दिया है। परिवार का आरोप है कि पांच दबंगों ने पूरे गांव को उनके खिलाफ खड़ा कर दिया है। जो भी उनसे बात करता है, उस पर 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। यहां तक कि बच्चों से भी स्कूल में कोई बातचीत नहीं करता और उन्हें निकालने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही रायपुर में एक महिला ने पति की प्रताड़ना से तंग आकर थाने के सामने खुद को आग लगा ली थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। आत्मदाह की कोशिश करने वालों में निर्मला बाई साहू, उनकी बेटी केसरिया साहू, बहू तानेश्वरी साहू और दो बच्चे शामिल थे। परिवार ने ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासन पर उत्पीड़न और निष्क्रियता का आरोप लगाया।


















