बिलासपुर; NHM कर्मचारियों के आंदोलन से ठप स्वास्थ्य सेवाएं प्रदर्शन, मितानिनों ने भी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली रैली…..

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएं इन दिनों बुरी तरह प्रभावित हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16 हजार से अधिक कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। बिलासपुर में कोन्हेर गार्डन में बड़ी संख्या में NHM कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। वहीं, जिले भर की मितानिनों ने भी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर रिवर व्यू से नेहरू चौक तक विशाल रैली निकालकर प्रशासन को अपनी ताकत का अहसास कराया।
हड़ताल से प्रभावित सेवाएं……
NHM कर्मचारियों की हड़ताल से प्रदेशभर में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है।
अस्पतालों में मरीजों को दवाइयाँ नहीं मिल पा रही हैं।
नवजात शिशु वार्ड और पोषण आहार केंद्र बंद पड़े हैं।
शुगर, ब्लड टेस्ट, टूनाट, सीबीनाट बलगम जांच और नेत्र परीक्षण जैसी सुविधाएं ठप हो गई हैं।
स्कूल और आंगनबाड़ी में स्वास्थ्य परीक्षण पूरी तरह रुक गया है।
रूटीन टीकाकरण बंद
टीबी, मलेरिया और कुष्ठ रोगियों को दवाइयां नहीं मिल रही हैं।
ग्रामीण व शहरी अस्पतालों में अव्यवस्था की स्थिति है, कई अस्पताल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी और प्रदेश प्रवक्ता पूरन दास ने बताया कि कर्मचारियों की नियमितीकरण, ग्रेड पे, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना और लंबित 27% वेतनवृद्धि जैसी मांगों पर सरकार लगातार चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मांगों पर स्वीकृति मिल चुकी है, उन पर भी आदेश जारी नहीं किए गए। इसी उपेक्षा से नाराज होकर कर्मचारी आंदोलन को मजबूर हुए हैं। जिला बिलासपुर से कार्यकारी प्रांत अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने स्पष्ट कहा कि अगर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।
मितानिनों की तीन सूत्रीय मांगें…..
वेतन वृद्धि
सरकारी कर्मचारी का दर्जा
एनजीओ प्रथा का समापन
मितानिनों का कहना है कि वे सालों से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनी हुई हैं, लेकिन उन्हें आज तक न उचित मान्यता मिली है और न ही सम्मान।बिलासपुर में हुए इस बड़े प्रदर्शन से सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मच गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तीव्र किया जाएगा।



















