VIDEO: कोरबा; नग्न हालत में छात्रा की मौत से सनसनी..रेप और हत्या की आशंका, पर पुलिस चुप..तीन दिन तक शव अस्पताल के बाहर पड़ा रहा..चार दिन बाद भी नहीं हुआ पोस्टमॉर्टम, परिजनो ने सड़क पर किया प्रदर्शन..पुलिस की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश, जांच की उठी मांग!

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) कोरबा की रहने वाली एक इंजीनियरिंग छात्रा की मध्यप्रदेश के सिंगरौली में रहस्यमय हालातों में मौत हो गई। 22 जून को युवती की लाश उसके घर की खिड़की की ग्रिल से नग्न अवस्था में लटकती मिली। मृतका की पहचान 22 वर्षीय पुष्पांजलि महंत के रूप में हुई है। परिजनों ने रेप के बाद हत्या की आशंका जाहिर की है, लेकिन सिंगरौली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। घटना सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र की है। मृतका पुष्पांजलि भोपाल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी और छुट्टियों में सिंगरौली स्थित अपने घर आई हुई थी। घटना वाले दिन घर पर वह अकेली थी। बड़ी बहन जब घर लौटी तो उसने देखा कि पुष्पांजलि की लाश खिड़की से बंधी हुई है और उसका शरीर नग्न अवस्था में है। इस दिल दहला देने वाले दृश्य को देख परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों ने तत्काल मोरवा थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने दुष्कर्म की धाराएं शामिल नहीं कीं। परिवार का आरोप है कि घटना के तीन दिन तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शव मोरवा के एक अस्पताल के बाहर ही पड़ा रहा। स्थानीय डॉक्टरों ने शव की स्थिति खराब होने का हवाला देकर पोस्टमॉर्टम करने से इनकार कर दिया। बाद में शव को रीवा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी न तो पोस्टमॉर्टम हुआ और न ही कोई गिरफ्तारी हुई। पुलिस की बेरुखी और लापरवाही से नाराज परिजन मृतका का शव लेकर कोरबा लौट आए और बुधवार को हरदीबाजार थाना क्षेत्र के आमगांव चौक पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की और निष्पक्ष जांच की मांग की। बताया गया कि पुष्पांजलि के पिता उमेद दास SECL सिंगरौली में कार्यरत थे और हाल ही में उनका निधन हो गया था। मां को अनुकंपा नियुक्ति मिली है और वे सिंगरौली में ही कार्यरत हैं। मां, बड़ी बहन और पुष्पांजलि सिंगरौली में ही रहते थे। मोरवा थाना पुलिस ने इस पूरे मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। परिजन लगातार पुलिस थाने के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें थाने से भगा दिया गया। अब मामले की सच्चाई रीवा मेडिकल कॉलेज में होने वाले पोस्टमॉर्टम के बाद ही सामने आ पाएगी। फिलहाल परिजन न्याय की आस में प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।
