बिलासपुर में रेलवे अधिकारी द्वारा नर्स से दुष्कर्म; पार्टी के बहाने घर बुलाकर की वारदात, आरोपी ऑफिस से गिरफ्तार..अकेले रहता था, पत्नी से चल रहा विवाद!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) रेलवे के डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट द्वारा एक नर्स के साथ दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी अधिकारी ने पार्टी के बहाने नर्स को घर बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता 10 दिनों तक मानसिक रूप से आहत और डरी-सहमी रही। आखिरकार परिजनों के साथ जाकर सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता 26 वर्षीय युवती है, जो एक प्राइवेट अस्पताल में नर्स के पद पर कार्यरत है। वर्तमान में वह रेलवे स्टेशन परिसर में संचालित इमरजेंसी मेडिकल यूनिट में ड्यूटी करती है, जिसे रेलवे और संबंधित निजी अस्पताल मिलकर संचालित करते हैं। इस यूनिट की निगरानी डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट फिरतू राम पटेल उम्र 50 वर्ष करता था। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि यूनिट में कार्य के दौरान आरोपी ने कई बार पार्टी देने की बात कही थी। 17 मई को उसने नर्स को सरकंडा थाना क्षेत्र के गणेश वैली स्थित अपने घर में पार्टी के बहाने बुलाया। वहां अकेली पाकर आरोपी ने जबरदस्ती दुष्कर्म किया। इस घटना के बाद पीड़िता काफी सदमे में रही और डर के कारण किसी को कुछ नहीं बता सकी।
अकेले रहता था आरोपी, पत्नी से चल रहा विवाद……
जानकारी के अनुसार आरोपी फिरतू राम पटेल अपनी पत्नी से विवाद के कारण लंबे समय से अकेले रह रहा है। उसकी पत्नी ने तलाक के लिए आवेदन भी दिया है। आरोपी इसी वजह से अकेले घर में रह रहा था, जिसका फायदा उठाकर उसने नर्स को बुलाया और वारदात को अंजाम दिया। सरकंडा थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय ने बताया कि शिकायत के बाद आरोपी के खिलाफ IPC की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। प्रारंभिक छानबीन में आरोपी अपने घर पर नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस टीम ने स्टेशन परिसर स्थित उसके कार्यालय में दबिश दी। वहां से उसे गिरफ्तार कर थाने लाया गया, जहां पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। वहीं पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और उसे परामर्श व सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। रेलवे जैसे संवेदनशील संस्थान से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इस प्रकार की गंभीर आपराधिक घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि पीड़ितों को न्याय मिले और अन्य महिलाओं में भरोसा कायम हो।


















