दो आरक्षक सेवा से बर्खास्त; एक पर आत्महत्या के लिए उकसाने, तो दूसरे पर अश्लील हरकतों का आरोप..खबर पढ़कर पूरा मामला!

जांजगीर: (प्रांशु क्षत्रिय) पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता और महिला आरक्षकों के साथ आपत्तिजनक व्यवहार के दो गंभीर मामलों में कड़ा कदम उठाते हुए पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय ने दो आरक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई विभाग की गरिमा बनाए रखने और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। पहला मामला आरक्षक दुष्यंत पांडेय से जुड़ा है, जिनका एक महिला आरक्षक के साथ प्रेम संबंध था। बताया जा रहा है कि रिश्ते के टूटने के बाद महिला आरक्षक मानसिक तनाव में थीं। कुछ माह पूर्व उन्होंने निलयम कॉलोनी स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विभागीय जांच में यह सामने आया कि दुष्यंत का व्यवहार अमर्यादित और असंवेदनशील था, जो कि एक पुलिसकर्मी की भूमिका और कर्तव्यों के विपरीत है। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का निर्णय लिया गया।
दूसरा मामला….
आरक्षक नारद ताम्रकार, जो रक्षित केंद्र जांजगीर में पदस्थ थे, पर एक महिला आरक्षक को अश्लील चित्र भेजने और चरित्र हनन के आरोप लगे थे। शिकायत की जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि हुई और उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया गया। विभाग ने इस कृत्य को शून्य सहिष्णुता की नीति के अंतर्गत लेते हुए नारद ताम्रकार को भी बर्खास्त कर दिया है। इन दोनों मामलों में पुलिस प्रशासन का यह स्पष्ट संदेश है कि महिला कर्मियों के सम्मान और विभागीय अनुशासन से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
