सीपत; तूफान ने किया आयोजन का गणित फेल: दर्राभाठा में पं. अनिरूद्धाचार्य के कथा से पहले ही ढहा मंच, भक्तों में मायूसी..श्रद्धा का तंबू उड़ा, मगर आस्था नहीं डगमगाई: अब घर से गूंजेगी भागवत कथा..खबर पढ़कर जानिए पूरा मामला……..

सीपत: (प्रांशु क्षत्रिय) ग्राम दर्राभाठा में पहली बार आयोजित हो रही भव्य श्रीमद्भागवत कथा की तैयारियों पर शुक्रवार की शाम प्रकृति का कहर भारी पड़ गया। आसमान में जैसे ही काले बादल छाए, तेज आंधी और मूसलधार बारिश ने पूरे आयोजन को तहस-नहस कर दिया। पंडाल कुछ ही पलों में धराशायी हो गया। टेंट उड़ गया, साउंड सिस्टम और कूलर पानी में भीगकर बेकार हो गए। कथा स्थल की जमीन कीचड़ में तब्दील हो गई और श्रद्धालुओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया। परम पूज्य पंडित अनिरुद्धाचार्य महाराज के सान्निध्य में 19 से 25 अप्रैल तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन प्रस्तावित था। लेकिन शुक्रवार की शाम आई आपदा ने आयोजन से पहले ही सबकुछ उलट-पलट कर दिया। सौभाग्य यह रहा कि कथा की शुरुआत शनिवार से थी, वरना हादसा और गंभीर हो सकता था। घटना के तुरंत बाद पंडित अनिरुद्धाचार्य महाराज ने सोशल मीडिया पर कथा स्थगित करने की जानकारी दी। इस खबर के बाद यजमानों, श्रद्धालुओं और ग्रामवासियों में निराशा की लहर दौड़ गई। आयोजकों ने स्थिति को संभालते हुए निर्णय लिया कि अब कथा पंडित राजू जी महाराज के नेतृत्व में छबिलाल पटेल के निवास पर संपन्न कराई जाएगी। शनिवार 19 अप्रैल को यानि आज शाम 3 बजे कलश यात्रा निकाली जाएगी और यहीं से सात दिवसीय कथा का शुभारंभ होगा।
पुलिस ने चेताया था पहले ही, आयोजकों पर लापरवाही का आरोप………
सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी ने जानकारी दी कि आयोजकों को पहले ही अस्थायी संरचनाओं की मजबूती और मौसम की संभावना को देखते हुए जरूरी इंतजाम करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद आयोजन स्थल पर वॉटरप्रूफ टेंट नहीं लगाया गया, जिससे यह हादसा हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच जारी है।
श्रद्धा की अग्निपरीक्षा में बदला आयोजन, लेकिन नहीं डगमगाई आस्था……..
प्रकृति की मार ने आयोजन को जरूर चोट पहुंचाई, पर श्रद्धा की लौ बुझी नहीं। अब देखना यह होगा कि बदले हुए स्थान पर यह कथा लोगों को किस रूप में आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है।

