बिलासपुर; फर्जी दस्तावेज से प्लॉट हड़पा! भू-माफिया पर FIR, राजस्व अफसरों की भूमिका संदिग्ध..खबर पढ़कर जानिए पूरा मामला…….

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जमीन की हेराफेरी के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने भू-माफिया के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना का केस दर्ज किया है। भू-माफिया ने महिला के नाम से फर्जी मुख्तियारनामा तैयार कर दूसरे की जमीन को दो लोगों के नाम पर रजिस्ट्री करा दी। कलेक्टर की जांच में फर्जीवाड़ा साबित हुआ, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। जरहाभाठा निवासी उमेंद्र राम भार्गव ने 3 अक्टूबर 2020 को मायादेवी से देवरीखुर्द के खसरा नंबर 38/12 की 2400 वर्गफीट जमीन खरीदी थी। नामांतरण नहीं होने से जमीन दो खसरा नंबर में दिखने लगी, जिसका फायदा उठाकर भू-माफिया बजरंग प्रसाद गौतम ने माया देवी के नाम से एक महिला का फर्जी आधार कार्ड बनवाया और पंजीयन कार्यालय में गवाहों सहित पेश होकर फर्जी मुख्तियारनामा हासिल कर लिया। इसके बाद बी-1, बी-2 और फर्जी ऋण पुस्तिका बनवाकर 9 जनवरी 2020 को उमेंद्र की जमीन सुषमा गुप्ता और अरविंद गुप्ता को बेच दी। 13 फरवरी को दोनों के नाम पर रजिस्ट्री भी करा दी गई। कोरोना संक्रमण कम होने पर जब उमेंद्र अपने प्लॉट पर पहुंचा तो कब्जे में बदलाव देखकर उसके होश उड़ गए। पीड़ित ने तुरंत कलेक्टर अवनीश शरण से शिकायत की। एसडीएम मनीष साहू की जांच में पूरे मामले की परतें खुलीं। पुलिस ने बजरंग प्रसाद गौतम और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फर्जीवाड़े में तत्कालीन पटवारी, आरआई, तहसीलदार सहित राजस्व अमले की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस जांच के बाद दोषी अफसर-कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया जाएगा।
