VIDEO; सीपत! मन्नादाई माता मंदिर: 470 ज्योति कलश के साथ जगमगाया आस्था का दीप, मुस्लिम परिवार ने भी जलाए कलश..400 साल पुरानी है मंदिर की रहस्यमयी कहानी, खबर पढ़कर जानिए पूरी कहानी………

सीपत: (प्रांशु क्षत्रिय) बिलासपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम सोंठी में स्थित बंगलामुखी मां मन्नादाई मंदिर इन दिनों भक्तों की आस्था का अद्भुत केंद्र बना हुआ है। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यहां 12 घृत और 458 तेल सहित कुल 470 ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं, जिनमें पहली बार बिलासपुर के मुस्लिम परिवार ने भी आस्था स्वरूप कलश प्रज्वलित किया है। लोककथा के अनुसार करीब 400 वर्ष पूर्व धामा धुर्वा नामक बैगा को एक सपना आया, जिसमें माता ने उसे अपने दर्शन दिए और कहा कि वह पहाड़ों में स्थित हैं। जब तत्कालीन जमींदार ने माता की प्रतिमा को बैलगाड़ियों में लाने का प्रयास किया, तो लगातार 12 बैलगाड़ियां टूट गईं, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली। अंततः बैगा ने अपने कंधों पर उठाकर माता को सोंठी लाकर स्थापित किया।

पहले मंदिर में बलि प्रथा का प्रचलन था, लेकिन नव निर्मित मंदिर के निर्माण के बाद से इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मां मन्ना देवी मंदिर में 5 अप्रैल को महाष्टमी हवन होगा, जबकि 6 अप्रैल को रामनवमी महोत्सव के तहत सुंदरकांड पाठ, कन्या भोज और भंडारे का आयोजन होगा। खास बात यह है कि गांव की 3 से 10 वर्ष की सभी कन्याओं का पूजन कर उन्हें सामूहिक भोज कराया जाएगा। ग्रामवासी जस गीत गाते हुए 7 अप्रैल को भव्य जवारा विसर्जन करेंगे। मंदिर की देखरेख के लिए पंजीकृत समिति का गठन किया गया है, जिसमें अध्यक्ष रामेश्वर जायसवाल, उपाध्यक्ष भीमप्रताप ठाकुर, कोषाध्यक्ष भूपेंद्र तिवारी, सचिव राज किशोर ठाकुर, हीरालाल पटेल, फागुराम पटेल, महेंद्र चंद्रिका पुरे, पंडित प्रमोद तिवारी, बैगा कार्तिक राम, संतोष, धनीराम, धनसाय समेत कई सदस्य सेवा भाव से मंदिर प्रबंधन में जुटे हैं।
