बिलासपुर! राष्ट्रव्यापी महापरीक्षा अभियान: 25 हजार असाक्षर व्यक्ति मूल्यांकन परीक्षा में होंगे शामिल..550 परीक्षा केंद्र, केन्द्रीय जेल के 140 कैदी भी बनेंगे साक्षर, 2027 तक देश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य, पढ़िए पूरी खबर……….

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 23 मार्च 2025 को नवसाक्षरों के लिए मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की जाएगी। जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं कलेक्टर अवनीश शरण के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरे जिले में चलाया जा रहा है। परीक्षा के लिए जिले के चारों विकासखंडों में 550 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा 30 हजार असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य दिया गया था, जिन्हें स्वयंसेवकों ने निःशुल्क 200 घंटे का अध्ययन कराया है। इस दौरान उन्हें पढ़ना, लिखना और संख्यात्मक ज्ञान सिखाया गया। अब इन नवसाक्षरों का आकलन बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। परीक्षा में 25 हजार असाक्षरों के शामिल होने की संभावना है। असाक्षर व्यक्ति अपने काम-धंधे से समय निकालकर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किसी भी समय परीक्षा केंद्र में आकर परीक्षा दे सकते हैं। इस महाअभियान में केन्द्रीय जेल के 140 असाक्षर कैदी (महिला एवं पुरुष) भी शामिल हैं। इन्हें जेल में ही पढ़े-लिखे कैदियों ने स्वयंसेवक बनकर साक्षर किया है। अब ये सभी कैदी भी परीक्षा देकर अपनी साक्षरता का प्रमाण हासिल करेंगे। 2011 की जनगणना के अनुसार बिलासपुर जिले की साक्षरता दर 74.76% थी। केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत इस शेष आबादी को साक्षर करने में जुटी है। वर्तमान में 2027 तक पूरे देश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए जिला स्तर पर निरीक्षण दल गठित किया गया है, जो पूरे समय परीक्षा केंद्रों का जायजा लेगा। इसके अलावा राष्ट्रीय साक्षरता केंद्र प्रकोष्ठ से भी निरीक्षण के लिए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

