बिलासपुर; माँ ने कोख में छुपाकर बचाई औलाद की जान, मगर खुद कुत्तों के झुंड ने नोच डाला..तखतपुर में खौफनाक मंजर—32 आवारा कुत्तों ने बंदरिया को नोंच-नोंचकर मार डाला, युवक ने आखिरी वक्त में बचाया मासूम बच्चा, खबर पढ़कर जानिए पूरा मामला…….

तखतपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) शासकीय जेएमपी कॉलेज परिसर में सोमवार को दिल दहला देने वाली घटना हुई। खेलते हुए मासूम बंदर के बच्चे को घेरकर 32 आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। अपनी संतान को मौत के मुंह में जाता देख माँ दौड़ी, उसे अपनी कोख में छुपा लिया, मगर खुद को नहीं बचा सकी। कुत्तों के झुंड ने बंदरिया को नोंच-नोंचकर मार डाला। यह पूरी घटना वहीं मौजूद मासूम बंदर के बच्चे की आंखों के सामने हुई, जो यह सोचता रहा कि उसकी माँ उसे बचाकर कहीं दूर ले जाएगी, मगर वह बेबस था। बंदर के बच्चे पर भी हमला करने ही वाले थे कि इसी दौरान वहां खड़े युवक सुरेंद्र खूंटे और उसके दोस्त ने हिम्मत दिखाई। लाठी-डंडे लेकर उन्होंने कुत्तों को भगाया, लेकिन तब तक मासूम बंदर का शरीर खून से लथपथ हो चुका था। युवक तुरंत उसे तखतपुर पशु चिकित्सालय ले गए, मगर अस्पताल बंद था। उसी समय एसडीएम डॉक्टर ज्योति पटेल भाजपा पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के लिए जा रही थीं। उन्होंने जब युवकों को घायल बंदर के बच्चे को गोद में लिए देखा तो रुक गईं और पूरी घटना सुनी। उन्होंने तत्काल डॉक्टर चौरसिया को फोन कर अस्पताल खुलवाया और घायल बंदर का इलाज कराया। बंदर का बच्चा अब सुरक्षित है, मगर यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है—आखिर कब तक आवारा कुत्तों का आतंक ऐसे ही मासूम जिंदगियों को लीलता रहेगा?

