VIDEO; बिलासपुर में कानून व्यवस्था ध्वस्त! होली पर खूनी संघर्ष: रंग लगाने के विवाद में लाठी-डंडे, दूसरे दिन महिलाओं ने लिया बदला! पुलिस की लापरवाही उजागर..संरक्षण के गंभीर आरोप, वीडियो देखकर पढ़िए पूरी खबर……..

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) रंगों के त्योहार पर बारूद की बू—बिलासपुर के मंगला धुरीपारा इलाके में होली के दिन मामूली कहासुनी ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। रंग लगाने को लेकर दो गुटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडे और थप्पड़ों की बौछार शुरू हो गई। चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई, चीख-पुकार गूंजने लगी और युवक एक-दूसरे पर टूट पड़े। इस हिंसक झड़प में करीब आधा दर्जन युवक घायल हो गए। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। अगले ही दिन, गुस्से से उबलती महिलाएं लाठी-डंडा लेकर सड़कों पर उतर आईं। उन्होंने उन युवकों पर हमला बोल दिया, जिन्होंने उनके परिवार वालों को पीटा था। बदले की आग में जलती महिलाओं ने हमलावरों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान कई महिलाओं को भी चोटें आईं। घटना के बाद महिलाएं एकजुट होकर ट्रैक्टर में सवार हुईं और सीधे सिविल लाइन थाने पहुंच गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में अवैध शराब और नशे का कारोबार फल-फूल रहा है और पुलिस अपराधियों को संरक्षण दे रही है। जब पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया, तो आक्रोशित महिलाएं सीधे एसपी दफ्तर पहुंच गईं और वहां जमकर हंगामा किया। स्थानीय महिलाओं ने पुलिस पर संगीन आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि इलाके में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री हो रही है, जिसे रोकने के बजाय पुलिस अपराधियों को बचा रही है। जब महिलाओं ने इसका विरोध किया तो नशे के कारोबारियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। महिलाओं का कहना था कि अगर पुलिस पहले ही अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगा देती, तो यह घटना कभी नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि सिविल लाइन थाना प्रभारी अपराधियों को खुला संरक्षण दे रहे हैं और शिकायतों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, प्रशासन पर बढ़ा दबाव…….
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे युवक और महिलाएं लाठी-डंडे लेकर एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन पर दबाव बढ़ गया और पुलिस को आखिरकार कार्रवाई करनी पड़ी।
दोषियों पर कब होगी कड़ी कार्रवाई..?
अब सवाल यह है कि क्या पुलिस महज FIR दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी से बच जाएगी या फिर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी? महिलाओं पर हुए हमले और इलाके में खुलेआम फल-फूल रहे अवैध शराब कारोबार को लेकर क्या प्रशासन अब नींद से जागेगा?
