बिलासपुर; थाना प्रभारी सस्पेंड! गैरकानूनी धंधों पर पुलिस की मेहरबानी पड़ी भारी, एसपी ने की कार्रवाई…अवैध कारोबार पर पुलिस की मिलीभगत! पुलिस पर लगे कई गंभीर आरोप, पढ़िए पूरी खबर…….

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के कोनी थाना क्षेत्र में अवैध शराब और गैरकानूनी धंधों पर पुलिस की मेहरबानी आखिरकार खुद थाना प्रभारी को भारी पड़ गई। थाना क्षेत्र में जहरीली शराब से 9 ग्रामीणों की मौत के बाद जब पूरे इलाके में हड़कंप मचा, तब पुलिस प्रशासन हरकत में आया। इस मामले में बिलासपुर एसपी रजनेश सिंह ने थाना प्रभारी नवीन देवांगन को सस्पेंड कर दिया। कोनी थाना क्षेत्र लंबे समय से जुआ, कबाड़, अवैध रेत उत्खनन और जहरीली शराब जैसे गैरकानूनी कारोबार का अड्डा बना हुआ था। स्थानीय लोग लगातार पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन कार्रवाई के नाम पर महज दिखावा किया जाता रहा। जब ग्राम लोफंदी में जहरीली शराब पीने से 9 ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई, तब पुलिसिया संरक्षण की परतें खुलनी शुरू हुईं।
जमानत दिलाने में भी पुलिस का खेल..!
मामला जब बढ़ा तो एसपी ने अवैध शराब कारोबारियों पर शिकंजा कसने का फरमान जारी किया। कोनी पुलिस ने दबाव में आकर 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, लेकिन असली खेल इसके बाद शुरू हुआ। थाना प्रभारी नवीन देवांगन ने लापरवाही या कहें मिलीभगत करते हुए आरोपियों के पुराने मामलों की जानकारी अदालत को नहीं दी। इसका फायदा उठाते हुए सभी आरोपी आसानी से जमानत पर छूट गए। इस लापरवाही से नाराज एसपी रजनेश सिंह ने थाना प्रभारी को जमकर फटकार लगाई और पूरे मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी नवीन देवांगन को निलंबित कर दिया।
पुलिस पर भी गंभीर आरोप…….
ग्राम लोफंदी में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद ग्रामीणों ने पुलिस और आबकारी विभाग पर अवैध शराब बेचने वालों से पैसा लेकर उन्हें बचाने के गंभीर आरोप लगाए। यहां तक कि पुलिस की मिलीभगत के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसने पूरे महकमे की पोल खोलकर रख दी। अब देखना होगा कि थाना प्रभारी के निलंबन के बाद क्या वाकई कोनी में अवैध धंधों पर लगाम लगती है या फिर यह कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित रह जाती है।
