सीपत! सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से डिस्मेंटल पुल के सरिए की चोरी..चर्चित कबाड़ का वाहन सहित गैस कटर जब्त, पढ़िए पूरी खबर………

सीपत: (प्रांशु क्षत्रिय) खुटाघाट बांध से सिंचाई के लिए निकलने वाले पानी को नरगोडा के बड़े नहर से ग्राम कुकदा के किसानों तक पहुंचाने के लिए बने छोटे नहर के रास्ते में कैमाडीह स्थित पुल पूरी तरह से जर्जर हो चुका था। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग द्वारा पुल का पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस की तत्परता से चोरी का मामला सामने आया, जिसमें सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

कैमाडीह स्थित पुराने पुल के डिस्मेंटल के बाद बड़ी मात्रा में सरिया निकाला गया था, जिसे कटिंग करके बेचने की शिकायत ग्रामीणों ने सीपत पुलिस को दी। गुरुवार को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 10 सी 3580 को पकड़ा, जिसमें लगभग 12 क्विंटल कटे हुए सरिया लदे थे। साथ ही गैस कटर मशीन और सीपत क्षेत्र के चर्चित कबाड़ी दुकान संचालक ओमप्रकाश साहू पिता छतलाल साहु को भी वहां पाया गया। पुलिस को देखते ही ओमप्रकाश मौके से फरार हो गया।

पुलिस जब इस मामले की जांच में जुटी, तो सिंचाई विभाग के हेल्पर रामजी यादव थाना पहुंचे और दावा किया कि यह सरिया ग्राम खाड़ा स्थित रेस्ट हाउस में स्टोर करने के लिए ले जाया जा रहा था। जब उनसे पूछा गया कि मटेरियल को स्टोर करने के लिए कबाड़ी की गाड़ी का सहारा क्यों लिया गया, तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी ने इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ बीडी दिवान से संपर्क किया। एसडीओ ने शुक्रवार को एक पत्र भेजकर पुष्टि की कि मटेरियल को खाड़ा रेस्ट हाउस में रखने का आदेश हेल्पर रामजी यादव को दिया गया था।

हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से यह मटेरियल विभागीय मिलीभगत से कबाड़ियों को बेचा जा रहा था। ग्रामीणों ने पहले भी इस मामले की सूचना दी थी, लेकिन इस बार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर मटेरियल से लदे वाहन को थाने में लाकर जांच शुरू कर दी है। बड़ा सवाल यह है कि मटेरियल उठाने के लिए सीपत के सबसे चर्चित कबाड़ी को ही क्यों बुलाया गया।

मामले में जांच जारी, सीपत थाना प्रभारी.. गोपाल सतपथी….
सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी ने बताया कि मटेरियल से लोड पिकअप वाहन जब्त कर लिया गया है और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई है। इस मामले की जांच जारी है।
सवालों के घेरे में सिंचाई विभाग….
- आखिर कबाड़ सामग्री ले जाने के लिए कबाड़ियों को बुलाने की जरूरत क्यों पड़ी?
- क्या यह मामला विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत का परिणाम है?
