बिलासपुर! रेलवे में यात्रियों के सामान पर नजर रखने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार, पढ़िए पूरी खबर……

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी ने संयुक्त अभियान में अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के सामान चोरी करने में सक्रिय था। इनके कब्जे से चोरी के सोने के जेवरात और अन्य सामान बरामद हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार 6 अक्टूबर 2024 को रायगढ़-बिलासपुर लोकल (गाड़ी संख्या 08737) में यात्रा कर रही एक महिला यात्री के बैग से सोने का हार, कान की बालियां और चांदी की पायजेब चोरी हो गई थी। पीड़िता ने घटना की रिपोर्ट जीआरपी थाने बिलासपुर में दर्ज कराई। मामला गंभीर होने पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने व्यापक जांच शुरू की। महिला द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के बाद टीम ने निगरानी बढ़ा दी। 27 नवंबर को सुबह 6:15 बजे बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 पर तीन संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान…..
1. अमर कुमार मंडल उम्र 35 वर्ष निवासी पाडिया थाना बरियारपुर जिला – मुंगेर,
2. विशाल कुमार पासवान उम्र 36 वर्ष निवासी कुमारपुर थाना बरियारपुर जिला मुंगेर,
3. सदानंद कुमार मंडल उम्र 22 वर्ष निवासी कमरगंज थाना सुल्तानगंज जिला भागलपुर, बिहार।
आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लोकल और पैसेंजर ट्रेनों में महिला यात्रियों को निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्य एक संगठित तरीके से चोरी करते थे:
एक आरोपी महिला से बातों में उलझाता था।
दूसरा आरोपी बैग को अखबार से ढककर खोलता था।
तीसरा आरोपी स्क्रू ड्राइवर से बैग का लॉक तोड़कर सामान निकाल लेता था।
चोरी के बाद वे अगले स्टेशन पर उतर जाते थे।
इनके खिलाफ देशभर में पहले से कई मामले दर्ज हैं…..
1. GRP मिर्जापुर (2018) – धारा 174-A IPC।
2. GRP मिर्जापुर (2017) – धारा 379, 411 IPC।
3. GRP डाल्टनगंज (2021) – धारा 34, 379 IPC।
4. GRP जबलपुर (2012) – धारा 401 IPC।
आरोपियों के पास से चोरी किए गए सोने का हार, कान की बालियां और चांदी की पायजेब बरामद हुई, जिनकी कुल कीमत 81170 आंकी गई है। तीनों आरोपियों को जीआरपी थाना बिलासपुर में अपराध संख्या 113/2024 के तहत गिरफ्तार किया गया और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
