रतनपुर में नाबालिगों पर झूठा केस दर्ज करने का आरोप, पीड़ित परिवार ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग, पढ़िए पूरी खबर…..

रतनपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) थाना क्षेत्र में हाल ही में एक विवादित मामला सामने आया है, जिसमें स्थानीय नाबालिग सहित तीन बच्चों पर झूठे आरोप लगाकर केस दर्ज करने का आरोप कोटा एसडीओपी पर लगा है। पीड़ित परिवार और नगरवासियों ने इस मामले की जांच कराने के लिए पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार 24 अगस्त को रतनपुर थाना में नाबालिग समेत तीन बच्चों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 और 22 के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोप लगाया कि ये बच्चे रात 10:30 बजे के करीब महामाया हेलीपेड के पास प्रतिबंधित सिरप की बिक्री कर रहे थे और उनके पास कोरेक्स सिरप की 16 शीशियां बरामद की गईं। पीड़ित परिवार के अनुसार 24 अगस्त की शाम चार से पांच बजे के बीच कोटा पुलिस, जो एसडीओपी मेडम के साथ थी, ने उनके बच्चों को घर और दुकान से बुलाकर पूछताछ के नाम पर थाने ले गई।

अगले दिन परिवार को पता चला कि बच्चों पर झूठा मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। परिवार ने आरोप लगाया कि जब उनके बच्चे शाम चार बजे से रात भर पुलिस हिरासत में थे, तो पुलिस ने उन्हें नशीला सिरप बेचते हुए कैसे पकड़ा….? परिजनों का कहना है कि कोटा एसडीओपी के निर्देश पर उनके बच्चों को जबरन झूठे केस में फंसाया गया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि बच्चों का भविष्य बर्बाद न हो।इस शिकायत पर पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

