RATANPUR: महामाया नगरी रतनपुर का होगा विकास, केंद्रीय पर्यटन मंत्री के बाद सड़क व परिवहन मंत्री से मिले तोखन, नर्मदा एक्सप्रेस-वे को रतनपुर कॉरिडोर से जोड़ने को लेकर हुई चर्चा, पढ़िए पूरी खबर……

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) प्रस्तावित नर्मदा एक्सप्रेस वे को रतनपुर कॉरिडोर से जोड़ने के लिहाज से गुरुवार को संसद भवन में केंद्रीय राज्य मंत्री और बिलासपुर से सांसद तोखन साहू ने केंद्रीय सड़क, परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। श्री साहू ने मुलाकात के दौरान बताया कि रतनपुर स्थित महामाया देवी मंदिर की गिनती देश भर में स्थापित सिद्ध पीठों में की जाती है। साथ ही यह नगरी अपने धार्मिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण ख्यातिप्राप्त है। इस पहल से धार्मिक नगरी को बढ़ावा मिलेगा। शहरी आवास केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने मंत्री बनने से पहले ही जिले में आस्था की केंद्र बिन्दु महामाया मंदिर और धार्मिक नगरी रतनपुर को प्रसाद योजना के तहत कॉरिडोर से जोड़ने की मंशा जताई थी। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद लगातार इस दिशा में प्रयासरत हैं। इसी क्रम में तोखन साहू ने सड़क परिवहन केंद्रीय मंत्री नितिन गडगरी से मुलाकात की और उन्हें बताया कि नर्मदा एक्सप्रेस-वे को अमरकंटक से होकर रतनपुर को जोड़ने पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

वही राष्ट्रीय राजमार्ग 130 के अंतर्गत आने वाले ऊर्जा नगरी कोरबा एवं एन.टी.पी.सी. सीपत को जोड़े जाने से ओद्योगिक क्षेत्र के आयात निर्यात में हो रही असुविधा से बचा जा सकेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद भवन के पटल पर नर्मदा एक्सप्रेस-वे की प्रस्तावना रखी जो कि अमरकंटक के कबीर चबूतरा से शुरू होकर डिंडोरी से जबलपुर, ओबेदुल्लागंज, बुधनी, नसरुल्लागंज, संदलपुर, करनावद, इंदौर, धार, सरदारपुर और झाबुआ (मध्य प्रदेश/ गुजरात सीमा) तक विस्तारित होना है, जिसकी कुल लंबाई 906 किलोमीटर है। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू द्वारा प्रस्तुत किए गए मांग पत्र स्वीकार किए जाने की दशा में नर्मदा एक्सप्रेस- वे की लंबाई में अमरकंटक से रतनपुर तक लगभग 124 किलोमीटर की वृद्धि की जा सकती है। एक तरह से देखा जाए तो बिलासपुर जिला को मिलने वाला पहला यह एक्सप्रेस वे होगा जो बिलासपुर जिला सहित छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश एवं गुजरात के व्यावसायिक विकास के लिये भी गेमचेंजर साबित हो सकता है।
