BILASPUR: मेलापारा में तोड़फोड़ की कार्यवाही चौथे दिन भी रहा जारी, आवास से वंचित महिलाओं ने किया चक्काजाम, सुनाई पीड़ा, कहीं..दर्जनों परिवार मंदिरों पर रहने को मजबूर……..

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) नगर निगम द्वारा चांटीडीह मेलापारा के मकानों को तोड़ दिया गया है। मकान से वंचित पीड़ित महिलाओं ने रामसेतु पुल के पास सोमवार को चक्का जाम कर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबजी करने लगी। जिस दौरान दोनों ओर गाड़ियों की लाइन लग गई। सूचना पर सरकंडा पुलिस और निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पीड़ित महिलाओं से चर्चा की और जल्द मकान उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। तब जाकर महिलाएं शांत हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चांटीडीह मेला पारा में रहने वाले प्रत्येक परिवार को अटल आवास में शिफ्ट किया जा रहा है। लेकिन कई ऐसे परिवार हैं, जिन्हें अभी तक मकान नहीं मिला है। जिसके कारण उनके पास रहने के लिए छत नहीं है। मजबूरी में वे मंदिर के अंदर रहने को मजबूर हैं। सोमवार की शाम 4 बजे महिलाओं ने राम सेतु पुल के पास चक्काजाम कर दिया। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा ने बताया कि एक महिला के दो बेटे हैं और दोनों की शादी हो चुकी है, छोटे छोटे बच्चे भी हैं और नगर निगम ने सभी को एक परिवार समझकर सिर्फ एक मकान उपलब्ध कराया है। दो कमरे के आवास में 8 सदस्य कैसे रह पाएंगे। इसलिए प्रत्येक पति-पत्नी को एक परिवार मानकर मकान देने की मांग करते हुए एनएसयूआई ने भी धरना प्रदर्शन किया और कहां की यदि निगम के पास खाली मकान नहीं है, तो महिलाओं के लिए अस्थाई रुप से रहने की व्यवस्था की जाए। यदि मांग नहीं मानी गई तो निगम प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।

बड़ी आबादी शिफ्टिंग में लग रहा समय:-
चांटीडीह मेलापारा में भारी विरोध के बीच बस्ती खाली कराने व तोड़फोड़ की कार्रवाई हो रही है। चौथे दिन भी यहां लगातार नगर निगम का अमला पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई में लगा रहा। एक तरफ लोग आवंटित मकानों में शिफ्ट होने के लिए सामान लेकर जा रहे थे। वहीं दूसरी ओर खाली होने के बाद मकानों को बुलडोजर से तोड़ने की कार्रवाई चलती रही। इस बड़ी कार्रवाई में निगम के 150 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी व वाहन लगा हुआ है। जिस गति से यहां कार्रवाई हो रही है, इसके पूरा होने में लगभग एक सप्ताह लग सकता है। सुबह से लेकर शाम तक लगभग दस घंटे लगातार यहां कार्रवाई चल रही है। यहां लगभग 700 से अधिक मकानों को तोड़ने में अभी वक्त लगेगा।
