कोरबा सामूहिक दुष्कर्म केस में कोर्ट का बड़ा फैसला : दो दोषियों को 20-20 साल की सजा, DNA जांच बनी अहम कड़ी
कोरबा के लेमरू थाना क्षेत्र के सामूहिक दुष्कर्म मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो दोषियों को 20-20 साल की कैद सुनाई। मामले में DNA जांच समेत अन्य साक्ष्यों पर सुनवाई हुई....


कोरबा। लेमरू थाना क्षेत्र में महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले में आरोपी हश्रुहन मंझवार और अजय सारथी को सजा सुनाई है।
रात में घर पहुंचकर की थी वारदात
अभियोजन के अनुसार, घटना पिछले वर्ष जुलाई की है। पीड़िता रात में खाना खाने के बाद अपने घर में सो रही थी। इसी दौरान दोनों आरोपी कथित तौर पर शराब के नशे में उसके घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। जब दरवाजा नहीं खोला गया तो आरोपियों ने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। इसके बाद दोनों ने पीड़िता के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया।
सुबह परिजनों और ग्रामीण प्रतिनिधियों को बताई घटना
घटना के तुरंत बाद पीड़िता थाने नहीं पहुंची। अगले दिन सुबह उसने अपने देवर-देवरानी, सरपंच और कोटवार को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद उनके साथ थाने पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर लेमरू पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया था।
DNA जांच के लिए भेजे गए थे साक्ष्य
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और अन्य कार्रवाई में जब्त की गई वस्तुओं को राज्य न्यायालयीन विज्ञान प्रयोगशाला, रायपुर भेजा था। वहां इनका DNA परीक्षण कराया गया। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामला न्यायालय में पहुंचा, जहां फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हुई।
कोर्ट ने दोनों आरोपियों को सुनाई 20 साल की सजा
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी माना और प्रत्येक को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत के फैसले के बाद पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

