NEET विवाद की गूंज: 36 दिन के आंदोलन के बाद बड़ा फैसला, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, NTA में भी बड़ी कार्रवाई..47 अधिकारी बर्खास्त!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर लंबे समय से जारी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी जीत बताया और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे के साथ सार्वजनिक पत्र जारी कर युवाओं को भ्रमित किए जाने का उल्लेख किया। वहीं आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है और छात्रों से जुड़े मामलों में न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस्तीफे से एक दिन पहले NEET पेपर लीक मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की भी प्रक्रिया शुरू की गई है। केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक बदलाव करते हुए दो सचिवों का तबादला भी किया है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि NTA की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएंगे। आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बदलाव, तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करने तथा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत UPSC के प्रतिभा सेतु पोर्टल के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल्स और चार वरिष्ठ जनरल मैनेजर की नियुक्ति की जाएगी। उल्लेखनीय है कि NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की गई थी। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है और अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल कर सकती है। पेपर लीक की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार पहले ही सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू कर चुकी है, जिसके तहत पेपर लीक और परीक्षा में धांधली से जुड़े अपराधों को गैर-जमानती बनाया गया है तथा कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।


