बिलासपुर; 132 साल पुराने सिटी कोतवाली थाने की 10 एकड़ सरकारी जमीन गायब..13 एकड़ में दर्ज रकबा सिमटकर रह गया सिर्फ 3 एकड़!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) शहर के 132 साल पुराने ऐतिहासिक सिटी कोतवाली थाना परिसर की करीब 10 एकड़ सरकारी जमीन गायब होने का मामला सामने आया है। राजस्व रिकॉर्ड में थाना परिसर का रकबा 13 एकड़ दर्ज है, लेकिन हालिया नाप-जोख में मौके पर केवल लगभग 3 एकड़ जमीन ही बची मिली। इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और गायब हुई सरकारी जमीन का पता लगाने के साथ-साथ सीमांकन की प्रक्रिया फिर से शुरू कराने की कवायद तेज कर दी गई है। ब्रिटिश शासनकाल में वर्ष 1894 में निर्मित सिटी कोतवाली भवन शहर की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। अंग्रेजी हुकूमत के समय से ही थाना परिसर के नाम पर 13 एकड़ भूमि दर्ज है। समय के साथ शहर का विस्तार हुआ और आसपास कई निर्माण कार्य हुए। इसी दौरान लगातार हुए अतिक्रमण और कब्जों के चलते थाना परिसर का बड़ा हिस्सा सिकुड़ गया। जानकारी के अनुसार स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत मल्टीलेवल पार्किंग सहित आसपास हुए विकास कार्यों के बीच पुलिस विभाग ने जब अपने परिसर का सीमांकन कराने की पहल की, तब सामने आया कि रिकॉर्ड में दर्ज 13 एकड़ के मुकाबले मौके पर केवल लगभग 3 एकड़ जमीन ही शेष है। यानी करीब 10 एकड़ सरकारी भूमि पर कब्जा हो चुका है। यह मामला नया नहीं है। वर्ष 2016 में तत्कालीन थाना प्रभारी ने भी एसडीएम को पत्र लिखकर थाना परिसर की जमीन का सीमांकन कराने और गायब भूमि का पता लगाने की मांग की थी, लेकिन उस समय मामला आगे नहीं बढ़ सका। अब कोतवाली सीएसपी गगन कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर पुराने राजस्व अभिलेखों के आधार पर दोबारा सीमांकन कराने की मांग की है। पुलिस विभाग का कहना है कि सीमांकन के बाद यदि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण या अवैध कब्जा पाया जाता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर नए सिटी कोतवाली भवन के निर्माण के लिए शासन से बजट भी स्वीकृत हो चुका है, लेकिन भूमि संबंधी स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में ऐतिहासिक कोतवाली की गायब हुई सरकारी जमीन का मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
