एक माह के मासूम के अपहरण का खुलासा: एक माह के मासूम के अपहरण का खुलासा; सीसीटीवी और तकनीकी जांच से 35 वर्षीय आरोपिया तक पहुंची जशपुर पुलिस, मासूम को सकुशल परिजनों को सौंपा गया!

जशपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) एक माह के मासूम बच्चे के अपहरण के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से आरोपिया तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुलिस के अनुसार, मामला थाना सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्र का है। बच्चे की मां की तबीयत खराब होने पर परिजनों ने उसे उपचार के लिए शासकीय अस्पताल जशपुर में भर्ती कराया था। इसी दौरान तारा बाई नामक महिला ने बच्चे के परिजनों से पहचान बढ़ाई और बातचीत के दौरान उनका विश्वास जीत लिया। महिला ने बच्चे की बीमारी का झाड़-फूंक से इलाज कराने का झांसा भी दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपिया बच्चे की मां और दादी को खाना खिलाने के बहाने जशपुर बस स्टैंड के पास स्थित एक होटल में ले गई। जब दोनों खाना खाने में व्यस्त थीं, तब उसने बच्चे को गोद में लेने के बहाने अपने पास रखा और मौके से फरार हो गई। घटना की शिकायत पर थाना सिटी कोतवाली जशपुर में अज्ञात महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर बच्चे और आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से संदिग्ध महिला की तस्वीर मिली। तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस टीम की सक्रियता के आधार पर आरोपिया तारा बाई (35 वर्ष), निवासी ग्राम दातुनपानी, चौकी पंडरापाठ, थाना बगीचा, जिला जशपुर को हिरासत में लिया गया। उसके कब्जे से एक माह के मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आरोपिया ने बताया कि उसकी तीन शादियां हो चुकी हैं। पहली शादी से उसके बच्चे हैं, लेकिन बाद की दो शादियों से उसे संतान नहीं हुई। कुछ समय पहले वह चार माह की गर्भवती थी, लेकिन गर्भपात हो जाने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहती थी। इसी वजह से वह बच्चा चोरी करने की नीयत से जशपुर आई थी और अस्पताल के आसपास घूमती रहती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात पंडरापाठ क्षेत्र से उपचार के लिए आए दंपति से हुई, जिनके साथ उनका एक माह का बच्चा था। आरोपिया ने बीमारी का इलाज कराने का झांसा देकर उनका विश्वास जीता और फिर मौका पाकर बच्चे को लेकर फरार हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपिया के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) भी जोड़ते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं, बरामद मासूम बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। जशपुर पुलिस की कार्रवाई से एक परिवार को उसका मासूम वापस मिल सका और एक गंभीर अपराध का सफलतापूर्वक खुलासा हो गया।
