BilaspurChhattisgarh

विश्व पर्यावरण दिवस पर बिलासपुर में ‘अरपा’ का चीरहरण; करोड़ों के प्रोजेक्ट के बगल में रेत माफिया का नंगा नाच..फोन बंद कर सोता रहा प्रशासन!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) एक तरफ सरकार और जिला प्रशासन कागजों और पोस्टरों पर ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ मनाकर पर्यावरण संरक्षण की कसमें खा रहा है, वहीं दूसरी तरफ न्यायधानी बिलासपुर की जीवनदायिनी अरपा नदी को रेत माफिया दिन-दहाड़े और रात के अंधेरे में छलनी कर रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर अरपा को संवारने के दावे और ‘न्यू रिवर व्यू’ जैसे सौंदर्यकरण के प्रोजेक्ट सिर्फ जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए हैं। हकीकत यह है कि जिनकी जिम्मेदारी इस नदी को बचाने की है, उन्होंने अपनी आँखें, कान और फोन..सब बंद कर रखे हैं।

हेडलाइट बंद, दर्जनों ट्रैक्टर और ‘अंधेरे का खेल’

ताजा और शर्मनाक मामला 4 जून की काली रात और 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) की अलसुबह का है। जैसे ही रात के 12 बजे, रेत माफिया के दर्जनों ट्रैक्टर शिव घाट बैराज की ओर से सीधे अरपा नदी के सीने पर चढ़ गए। ‘न्यू रिवर व्यू’ जहाँ करोड़ों की लागत से सौंदर्यकरण का काम चल रहा है, ठीक उसी के बगल में गाड़ियों की हेडलाइट बंद कर दी गई। इसके बाद शुरू हुआ रेत के अवैध उत्खनन का तांडव। दर्जनों श्रमिकों को लगाकर सुबह 4 बजे तक लगातार रेत निकाली गई। गाड़ियां आती रहीं, नदी का सीना चीरती रहीं और शहर के सबसे वीआईपी इलाके से बेखौफ होकर रेत पार की जाती रही।

कलेक्ट्रेट से महज 1 किमी की दूरी, फिर भी ‘अंधा-बहरा’ है खनिज विभाग!

हैरानी की बात यह है कि जिस जगह पर यह अवैध उत्खनन का खुला खेल चल रहा था, वहाँ से बिलासपुर कलेक्ट्रेट और खनिज विभाग के दफ्तर की दूरी महज 1 किलोमीटर है। सवाल उठता है कि नाक के नीचे चल रहे इस महाघोटाले पर जिम्मेदार अधिकारी आँखें मूंदे क्यों बैठे हैं? क्या रेत माफियाओं द्वारा पहुंचाई जा रही ‘मोटी रकम’ ने अधिकारियों के ईमान और कर्तव्य पर ताला लगा दिया है?

रफ्तार न्यूज़ का रियलिटी चेक: न कलेक्टर ने फोन उठाया, न खनिज अधिकारी जगे!

जब अरपा नदी को लूटा जा रहा था, तब रफ्तार न्यूज सीजी की टीम मौके पर डटी हुई थी। हमारी टीम के सामने लाइव अवैध उत्खनन जारी था। जिम्मेदारी तय करने के लिए रफ्तार न्यूज़ की टीम ने रात में ही बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल और खनिज विभाग के उप संचालक किशोर गोलघाटे को लगातार फोन मिलाया। लेकिन, अफ़सोस! जनता के पैसों से मोटी तनख्वाह पाने वाले इन ‘जिम्मेदारों’ ने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। अधिकारियों का यह रवैया साफ बयां करता है कि माफियाओं को शह कहाँ से मिल रही है। विश्व पर्यावरण दिवस के दिन अरपा नदी की यह दुर्दशा बिलासपुर जिला प्रशासन के गाल पर एक करारा तमाचा है। अब देखना यह है कि इस खबर के बाद नींद से जागकर प्रशासन कोई ‘दिखावे की कार्रवाई’ करता है या फिर माफियाओं के सामने ऐसे ही नतमस्तक रहेगा।

YOUTUBE RAFTAAR NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Latest
बिलासपुर में हॉकी का महाकुंभ; 25 से 27 सितंबर तक चलेगी हॉकी प्रीमियर लीग..मैदान में भिड़ेंगी 6 टीमें... बेलतरा में विकास का डबल धमाका; दो दिन में 32.61 करोड़ के कामों को मिली रफ्तार..6 पंचायतों में करोड़ो... बिलासपुर स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला; संचालन, रखरखाव, बेहतर उपयोग और दीर्घकालिक स्थायि... संगठन सृजन के बाद बिलासपुर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन; विजय जांगिड़ ने ली शहर संगठन की पहली बैठक... चुनावी रंजिश में उपसरपंच को धमकी; पैसे मांगकर इस्तीफा देने का बनाया दबाव..जान से मारने की धमकी देने ... लिव-इन पार्टनर पर शादी का दबाव और धमकी का आरोप, आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में महिला... NTPC सीपत में नौकरी, पहचान निकली बांग्लादेशी; 19 साल से बिलासपुर में रह रहा था अतीक हुसैन..STF ने दब... महादेव सट्टा ऐप केस में CBI का बड़ा एक्शन : दुबई से लौटते ही हैदराबाद एयरपोर्ट पर वॉन्टेड आरोपी अभिष... स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ प्रभारी बनने पर भूपेश बघेल का तंज : बोले- वे घायल शेरनी हैं, अब देखें किसे... झीरम मामले पर CM साय का बड़ा बयान : बोले- 13 साल चली सुनवाई, 100 से ज्यादा गवाहों के बयान के बाद आया ...