Rफ्तार न्यूज की खबर का ताबड़तोड़ असर; कोनी थाने में कबाड़ माफिया की खातिरदारी करने वाले पुलिसकर्मियों पर एसएसपी ने लिया एक्शन..दो पुलिसकर्मियों को किया लाइन अटैच!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) न्यायधानी बिलासपुर में खाकी और अपराधियों के बीच कथित चोली-दामन के साथ को लेकर एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक बवाल खड़ा हो गया है। कोनी थाने के भीतर से लीक हुई एक शर्मनाक तस्वीर ने बिलासपुर पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता की धज्जियां उड़ा दी हैं। इस वायरल फोटो में क्षेत्र का कुख्यात अवैध कबाड़ कारोबारी अकबर खान थाने के भीतर ठाट से वीआईपी कुर्सी पर बैठकर चाय की चुस्कियां लेता दिखाई दे रहा है, जबकि उसके सामने तैनात पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने उसकी आवभगत में जुटे हैं। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर के सार्वजनिक होने के बाद मचे हड़कंप और ‘रफ्तार न्यूज सीजी’ द्वारा इस खबर को प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद पुलिस महकमा तत्काल एक्शन मोड में आ गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने वाले दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। सच्चाई की इस कड़वी तस्वीर के पीछे की कहानी यह है कि आरोपी अकबर खान कोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत अवतार पैलेस के सामने लंबे समय से कबाड़ की आड़ में अवैध धंधा संचालित कर रहा है। हाल ही में बिलासपुर कप्तान ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को कबाड़ माफियाओं और अवैध धनकुबेरों के खिलाफ जमीनी और सख्त कानूनी कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए थे। इसी आदेश के तहत कोनी पुलिस ने दिखावे के लिए अकबर खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत निवारक कार्रवाई की थी। परंतु इस तथाकथित कार्रवाई के पर्दे के पीछे जो खेल चल रहा था, उसने खाकी की साख पर बट्टा लगा दिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी को अपराधी की तरह रखने के बजाय थाने में जो राजशाही मेहमाननवाजी और वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया, उसने यह साबित कर दिया कि अपराधियों के हौसले बुलंद क्यों हैं। इस पूरे शर्मनाक घटनाक्रम में कोनी थाने के प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी और आरक्षक अनुज जांगड़े की भूमिका सीधे तौर पर कटघरे में आ गई है। शहर में यह चर्चा आम है कि पुलिस और कबाड़ के अवैध सौदागरों के बीच जमीनी स्तर पर तगड़ी साठगांठ है, जिसके दम पर ही यह प्रतिबंधित कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। थाने के भीतर से सामने आई इस गलबहियां करती तस्वीर ने जनता के बीच पुलिस की छवि को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। तस्वीर वायरल होने और मीडिया में मामला उछलने के बाद बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस विभाग की अनुशासनहीनता पर कड़ा प्रहार किया। एसएसपी द्वारा जारी आधिकारिक निलंबन व लाइन अटैच आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि अवैध कबाड़ियों के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान दोनों पुलिसकर्मी कानून का भय पैदा करने के बजाय आरोपी के साथ बैठकर चाय की चुस्कियां ले रहे थे, जो कि पुलिस आचरण नियमावली के सर्वथा विपरीत और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। इस अनुशासनहीनता के लिए प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी और आरक्षक अनुज जांगड़े को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर रक्षित केंद्र बिलासपुर संबद्ध कर दिया गया है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है, वहीं वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ किया है कि अवैध कारोबारियों को संरक्षण देने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
