बिलासपुर; एयू में कार्यपरिषद की बैठक के बाहर छात्रों का हंगामा..सदस्यों को पिछले गेट से जाना पड़ा, कुलसचिव से मिलने से छात्रों ने किया इनकार..कार्यपरिषद के सामने अपनी बात रखने पर अड़े!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की 64वीं बैठक के दौरान छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय परिसर का माहौल गरमा दिया। विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं ने कुलसचिव से मिलने से इनकार कर दिया और अपनी बात सीधे कार्यपरिषद के सदस्यों के सामने रखने की मांग पर अड़ गए। छात्रों के विरोध को देखते हुए कार्यपरिषद के सदस्यों को बैठक कक्ष तक पिछले गेट से पहुंचना पड़ा। छात्र प्रतिनिधियों ने एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक के पद से जुड़ी कथित प्रशासनिक अनियमितता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। छात्रों का आरोप है कि एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा मूल रूप से भूगोल विषय के सहायक प्राध्यापक हैं। उन्हें जुलाई 2018 में राज्य शासन द्वारा दो वर्ष के लिए प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था। जुलाई 2020 में प्रतिनियुक्ति अवधि पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय की अनुशंसा पर दो वर्ष की वृद्धि और वर्ष 2022 में एक वर्ष की अतिरिक्त वृद्धि दी गई। छात्रों ने सवाल उठाया कि इसके बाद वर्तमान समय तक उक्त पद पर उनकी निरंतर सेवा और प्रतिनियुक्ति अवधि में वृद्धि के संबंध में सक्षम स्वीकृति अथवा आदेश की स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने प्रतिनियुक्ति अवधि, सक्षम स्वीकृति, पद पर निरंतर कार्य करने और वेतन भुगतान से संबंधित समस्त अभिलेखों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही किसी भी अनियमितता के सामने आने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बस सेवा और पेमेंट सीटों को सामान्य करने की मांग…..
छात्र प्रतिनिधियों ने छात्रहित से जुड़ी दो प्रमुख मांगें भी रखीं। इनमें दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय में जल्द बस सेवा शुरू करने तथा यू.टी.डी. की पेमेंट/सेल्फ-फाइनेंस्ड सीटों को सामान्य सीटों में बदलने की मांग शामिल है। छात्र प्रतिनिधि नीरज यादव ने कहा कि एक ही कक्षा और समान पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से अलग-अलग शुल्क लिया जाना आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर अतिरिक्त बोझ डालता है। इसी दौरान मौके पर मौजूद राष्ट्रपति के पूर्व ओएसडी और पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के चेयर प्रोफेसर डॉ. कन्हैया त्रिपाठी ने धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं। उन्होंने आश्वस्त किया कि छात्रों द्वारा उठाए गए सभी विषयों और मांगों को उचित उच्च पटल पर रखा जाएगा तथा छात्रहित से जुड़े मामलों में जल्द सकारात्मक कार्रवाई का पूरा प्रयास किया जाएगा।
