बिलासपुर; 3 से 6 हजार में कैसे चलेगा घर..वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कोटवारों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ ने शुक्रवार को बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे कोटवारों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मानदेय में बढ़ोतरी, नियमितीकरण और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई। संघ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में चरणबद्ध और उग्र आंदोलन किया जाएगा। कोटवार संघ का कहना है कि अंग्रेजों के शासनकाल से ग्रामीण प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी रहे कोटवार आज भी शासन-प्रशासन की जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो नियमित कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही सम्मानजनक वेतन। महंगाई के दौर में 3 हजार से 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है। संघ ने ज्ञापन में ए श्रेणी के कोटवारों का मानदेय 6 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये, बी श्रेणी का 5,500 से 12 हजार रुपये, सी श्रेणी का 4,500 से 10 हजार रुपये तथा डी श्रेणी का 3 हजार से बढ़ाकर 8 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की है। इसके साथ ही कोटवारों को नियमित कर्मचारी का दर्जा देने, सेवा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कोटवारी नियुक्तियों में कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाकर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग भी उठाई गई। संघ के अध्यक्ष श्याम सुंदर चौहान ने कहा कि वर्षों से कोटवार अपनी मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की, तो प्रदेशभर के कोटवार आंदोलन को और तेज करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। प्रदर्शन के बाद कोटवारों ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। संघ का कहना है कि मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
