कोरबा में 18 घंटे में ज्वेलरी चोरी का खुलासा: तीन महिलाएं बनती थीं ग्राहक; ध्यान भटकाकर पार करते थे सोने के गहने, अंतर्राज्यीय गिरोह के 5 आरोपी गिरफ्तार!

कोरबा: (प्रांशु क्षत्रिय) “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए ज्वेलरी दुकान में हुई चोरी की वारदात का महज 18 घंटे में खुलासा कर दिया। इस मामले में अंतर्राज्यीय गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। मामले में प्रार्थी अखिल कुमार देवांगन, निवासी एमपीटी नगर ने सिविल लाइन रामपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी “दिव्या ज्वेलर्स” दुकान में तीन महिलाएं ग्राहक बनकर आईं और मौका पाकर सोने के आभूषण चोरी कर फरार हो गईं। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की मदद से जांच शुरू की। शहर के विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों और जिला ऑटो संघ के सहयोग से महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर आरोपियों को उड़ीसा के संबलपुर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में नासिर मोल्ला, सजना बीबी, मिथुन चक्रवर्ती, तापसी दास और गुलापी दास शामिल हैं, जो पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गए दो सोने की चेन और एक लॉकेट सहित करीब 4.5 लाख रुपये मूल्य के आभूषण बरामद किए हैं। साथ ही वारदात में प्रयुक्त XUV300 कार भी जब्त की गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह की महिलाएं ग्राहक बनकर दुकानों में प्रवेश करती थीं और गहने देखने के दौरान दुकानदार का ध्यान भटकाती थीं। इसी दौरान उनके साथी चोरी को अंजाम देकर तुरंत वाहन से दूसरे शहर या राज्य की ओर फरार हो जाते थे। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गिरोह पश्चिम बंगाल के राणाघाट, मालदा और सिलीगुड़ी में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। छत्तीसगढ़ के अन्य बड़े शहर भी इनके निशाने पर थे। अन्य मामलों में पुलिस पूछताछ जारी है। कोरबा पुलिस ने व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि अपने प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाएं और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि जिले में कानून व्यवस्था कायम रखी जा सके।


















