बिलासपुर; फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़: बिलासपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 4 आरोपी हिरासत में!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) पुलिस ने फर्जी “मैरिज ब्यूरो” के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई सरकण्डा और कोतवाली थाना क्षेत्र में संचालित कॉल सेंटरों पर छापेमारी कर की गई, जहां से इस अवैध गतिविधि को अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी शादी के इच्छुक लोगों को उपयुक्त जीवनसाथी दिलाने का झांसा देते थे। इसके लिए फर्जी महिला प्रोफाइल तैयार कर युवतियों से ग्राहकों से बातचीत कराई जाती थी, जिससे वे भावनात्मक रूप से जुड़ जाएं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन शुल्क और अन्य बहानों से पैसे वसूले जाते थे। एक मामले में बिहार निवासी एक व्यक्ति से 10,000 रुपये लिए गए, लेकिन भुगतान के बाद कोई सेवा नहीं दी गई। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। म्यूल बैंक खातों (दूसरों के नाम पर संचालित खातों) की जांच के दौरान पुलिस को इस गिरोह के बारे में अहम सुराग मिले। इसी आधार पर सरकण्डा क्षेत्र में संचालित एक मैट्रिमोनियल ऑफिस पर छापा मारकर संचालक सहित सहयोगियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस कार्रवाई में मौके से, 10 कंप्यूटर सेटअप, 70 मोबाइल फोन, 20,000 रुपये नकद, बरामद किए गए हैं। साथ ही बैंक खातों की जांच में लाखों रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। महारथी साहु (31 वर्ष), फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास (40 वर्ष), तरुणा उर्फ सोनु खरे (40 वर्ष), नीरा बाथम (32 वर्ष) आरोपियों के खिलाफ थाना सरकण्डा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस शहर के अन्य क्षेत्रों में संचालित ऐसे फर्जी मैरिज ब्यूरो की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन और मैट्रिमोनियल सेवाओं के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संस्था को पैसे देने से पहले उसकी विश्वसनीयता की पूरी जांच अवश्य करें।
