बिलासपुर; वन विभाग की छापेमारी में पकड़ा गया पका हुआ मांस; पर्यटन रिसॉर्ट में हिरण का शिकार, मैनेजर समेत 4 गिरफ्तार!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले में वन्यजीव संरक्षण कानून का गंभीर उल्लंघन सामने आया है। कोटा क्षेत्र के बेलगहना वन परिक्षेत्र अंतर्गत कुरदर स्थित एक एथनिक रिसॉर्ट में हिरण के शिकार और उसके मांस को पकाने का मामला उजागर हुआ है। वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर मौके से पका हुआ मांस बरामद किया और रिसॉर्ट के मैनेजर सहित चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। वन विभाग को शुक्रवार को सूचना मिली थी कि उक्त प्राइवेट रिसॉर्ट में हिरण का शिकार कर उसका मांस पकाया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने रिसॉर्ट में दबिश दी। तलाशी के दौरान किचन में कड़ाही में मांस पकता हुआ मिला, जिसे जब्त कर लिया गया।
पर्यटन मंडल संचालित है रिसॉर्ट…..
जांच में सामने आया कि यह एथनिक रिसॉर्ट पर्यटन मंडल द्वारा संचालित है, जहां 8 से 10 कर्मचारी कार्यरत हैं। वन विभाग ने कुक रामकुमार टोप्पो, मैनेजर रजनीश सिंह तथा कर्मचारी रमेश यादव और संजय वर्मा को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
एक-दूसरे पर डाल रहे आरोप…..
पूछताछ के दौरान मैनेजर और अन्य कर्मचारियों ने मांस के बारे में जानकारी होने से इनकार करते हुए सारा दोष कुक पर डाल दिया। वहीं कुक रामकुमार टोप्पो ने बताया कि उसे यह मांस गांव के जनक बैगा द्वारा दिया गया था और उसे इसकी प्रकृति की जानकारी नहीं थी। वन विभाग ने जब्त मांस को परीक्षण के लिए जबलपुर स्थित लैब भेजने का निर्णय लिया है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि मांस हिरण का ही है या नहीं। फिलहाल जंगल में शिकार के अन्य साक्ष्य नहीं मिल पाए हैं।
क्षेत्र में पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं…
कोटा-बेलगहना क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। यहां करंट लगाकर बाघ, तेंदुआ और जंगली सूअरों के शिकार की जानकारी मिलती रही है। क्षेत्र में संचालित अन्य निजी रिसॉर्ट्स पर भी संदेह जताया जा रहा है, हालांकि अब तक व्यापक स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई है।
