अंधे कत्ल का खुलासा; दोस्त ही निकला कातिल..पुलिस ने किया गिरफ्तार!

रायगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मिलूपारा सिदारपारा में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। चौकीदार लखन उर्फ धरभईया चौधरी की हत्या के मामले में उसका साथी ही हत्यारा निकला, जिसने वारदात के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी रची थी। पुलिस के मुताबिक, 10 मार्च की सुबह खेत की मेड़ पर 46 वर्षीय लखन चौधरी का शव संदिग्ध हालत में मिला था। मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए थे, जिसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई। प्रारंभिक पूछताछ में मृतक का साथी अजहर अली खुद को चश्मदीद बताते हुए 4-5 अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाता रहा। उसने पुलिस को बताया कि कुछ लोग टावर की रस्सी काट रहे थे और विरोध करने पर उन्होंने लखन को पकड़कर ले जाकर हत्या कर दी।हालांकि, पुलिस की सूक्ष्म जांच में उसकी कहानी पर संदेह गहराता गया। आसपास के लोगों से पूछताछ में घटना स्थल पर किसी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने की पुष्टि नहीं हुई। साथ ही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के मुंह में प्लास्टिक का टुकड़ा मिलने से जांच की दिशा बदल गई। वैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ में आखिरकार आरोपी अजहर अली ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि खाना बनाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने लखन के साथ मारपीट की और टॉर्च से हमला कर उसकी हत्या कर दी। बाद में गला दबाकर उसकी जान ले ली। वारदात को छिपाने के लिए आरोपी ने खून से सनी टॉर्च धो दी, कपड़ों को जला दिया और खुद पर शक न जाए इसके लिए फर्जी कहानी गढ़ी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से टॉर्च बरामद कर ली है, जिसका एक प्लास्टिक टुकड़ा मृतक के मुंह में मिला था। पुलिस ने आरोपी अजहर अली (63 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में साक्ष्य छिपाने की धारा भी जोड़ी गई है। इस पूरे मामले के खुलासे में तमनार थाना पुलिस की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने सूझबूझ और वैज्ञानिक जांच के जरिए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा…
“रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर प्रोफेशनल इन्वेस्टिगेशन से गंभीर मामले का खुलासा किया है। पूरी टीम को उचित इनाम दिया जाएगा।”
