भारत माला मुआवजा घोटाला : फरार तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार गिरफ्तार!

रायपुर (प्रांशु क्षत्रिय) भारत माला परियोजना के तहत हुए 43 करोड़ रुपए के मुआवजा घोटाले में फरार चल रहे दो अधिकारियों—शशिकांत कुर्रे (तत्कालीन तहसीलदार, अभनपुर) और लखेश्वर प्रसाद किरण (तत्कालीन नायब तहसीलदार, गोबरा नवापारा) को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।आरोपियों ने अपने अधीनस्थ पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों और भूमाफिया के साथ मिलकर कूटरचित राजस्व अभिलेख तैयार कराए। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वास्तविक से कई गुना अधिक मुआवजा जारी कराया गया, जिससे सरकार को करोड़ों की आर्थिक क्षति हुई। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों की जमानत याचिका पहले ही खारिज कर दी थी। विशेष न्यायालय द्वारा स्थायी वारंट एवं उद्घोषणा भी जारी की जा चुकी है। आरोपियों की संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी विचाराधीन है। भारत माला प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण में अधिकारियों और भू-माफियाओं ने जमीन को छोटे टुकड़ों में बांटकर रिकॉर्ड में 80 नए नाम जोड़ दिए।

बैक डेट में दस्तावेज तैयार कर NHAI से 78 करोड़ रुपए का भुगतान दिखाया गया, जबकि वास्तविक मुआवजा करीब 29.5 करोड़ होना था। इस तरीके से लगभग 43 करोड़ से अधिक का घोटाला किया गया। इस मामले का खुलासा होने पर कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे और इससे पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को निलंबित किया गया था। यह केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना है, जिसके तहत लगभग 26 हजार किमी आर्थिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। रायपुर–विशाखापट्टनम कॉरिडोर इसी परियोजना का प्रमुख हिस्सा है।
